चितकुल से कल्पा की एक अद्भुत यात्रा, जिसको हर कोई करना चाहता है

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Photo of चितकुल से कल्पा की एक अद्भुत यात्रा, जिसको हर कोई करना चाहता है by Ankit Kumar

सांगला घूमने के बाद अब दूसरे दिन का सफ़र जारी रखेंगे जिसकी शुरुआत हम करने वाले हैं चितकुल होते हुए कल्पा के लिए। सांगला से चितकुल का सुकून भरा रास्ता केवल 24 किलोमीटर का है। जिसको नहीं पता उसके लिए बता दूँ चितकुल भारत का आख़री गाँव है। चितकुल जाते हुए आपको भारत का आख़री ढाबा भी मिलेगा, उस ढाबे के बाद भारत में कोई और ढाबा है ही नहीं। चितकुल इतना ज़्यादा ख़ूबसूरत शहर है कि आप जाओगे तो वहाँ से वापस लौटने का मन ही नहीं करेगा। पर क्या कर सकते हैं, आगे का सफ़र भी तो करना है!

अब चितकुल तो हो लिया इसके बाद 3 घण्टे ख़ूबसूरत बर्फिले पहाड़ों वाले रास्ते से होते हुए कल्पा के लिए जाना है। जब इन रास्तों पर चल रहे होंगे तब आपको बिल्कुल भी ऐसा नहीं लगेगा कि आप भारत में हैं। रास्ते मे बहुत सी ख़ूबसूरत नदियाँ मिलेंगी, जिनके पानी का शोर आपको आन्तरिक शान्ति का बोध कराएगा। कल्पा पहुँचते ही सबसे पहले आप ‘सुसाइड पॉइंट’ जा सकते हैं जो यहाँ का सबसे ज़्यादा व्यस्त इलाका है। यहाँ से कैलाश पर्वत भी आप देख पाएँगे। और अन्त में रात होते होते आप कल्पा मोनेस्ट्री जाएँ जो यहाँ की संस्कृति से आपको रूबरू करवाएगी।

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