एक मंदिर पानी के अंदर: बाथू की लड़ी और स्वर्ग की सीढ़ियों का सफर

Tripoto

हिमाचल प्रदेश में घूमने के लिए इतनी बढ़िया जगहें हैं कि क्या कहने। यहाँ के मंदिर और धार्मिक स्थल भी हर मौसम में हज़ारों सैलानियों को अपनी ओर खींचते हैं । इनमें से एक ऐसा मंदिर भी है जो आज से कई हज़ार साल पुराना है।  ये मंदिर साल के आठ महीने पानी में डूबा रहता है, और सिर्फ कुछ दो-तीन महीने ही दर्शन देने बाहर आता है।

कहते हैं इस मंदिर से स्वर्ग की सीढ़ी भी जाती है, जो सैलानी आज भी देख सकते हैं। बात हो रही है, बाथू की लड़ी मंदिर समूह की!

बाथू की लड़ी

ये हज़ारों साल पुराने छह मंदिरों का एक समूह है, जिसमें बीच में शिव मंदिर है, और आस-पास विष्णु, शेषनाग आदि देवों के मंदिर हैं।

बाथू की लड़ी - ये नाम ज़रा अलग है। बाथू पत्थर से फूलों की माला यानी लड़ी के आकार में बने होने के कारण ही इन मंदिरों के ये नाम पड़ा है।

कहानियों के हिसाब से बाथू के ये मंदिर महाभारत काल में पांडवों ने बनाए थे। मंदिरों के पास ही स्वर्ग जाने के लिए सीढ़ियाँ बनाने की भी कोशिश की गयी थी। सीढ़ियाँ बनाने के असंभव से लगने वाले काम के लिए पांडवों ने जब श्री कृष्ण से मदद मांगी तो प्रभु ने छह महीनों की एक रात भी बना डाली, मगर फिर भी ये कार्य पांडवों से पूरा ना हो पाया। आज भी सीढ़ियों के अवशेष यहाँ दिखते हैं।

इन मंदिरों में प्रमुख शिव मंदिर बीच में कुछ इस तरह बना है कि चिपटे सूरज की किरणे मंदिर के अंदर बने शिवलिंग पर ज़रूर पड़ती है।

मंदिर हिमाचल प्रदेश राज्य के कांगड़ा जिले में बना है। जिले से होकर बहने वाली व्यास नदी पर बने पोंग बाँध का पानी साल के आठ महीने इन छह मंदिरों के समूह को अपने गर्भ में धारण करता है। फिर मार्च से जून के महीनों में पानी उतरता है, ज़मीन फिर उजागर होती है।

घटते पानी से यहाँ कई टापू बन जाते हैं। इन्हीं टापुओं पर रेनसर वन विभाग ने कुछ रिज़ॉर्ट बनाए हैं। तो अगर आप यहाँ रहने आना चाहें तो रुकने के लिए बढ़िया जगहें मिल जाएँगी।

मंदिरों के अलावा पोंग बाँध एक मशहूर बर्ड सेंचुरी भी है, जहाँ सैकड़ों प्रवासी पक्षियों के झुंड देखे जा सकते हैं।

इस मंदिर के अलावा कांगड़ा में और भी जगहें हैं, जहाँ आप घूम सकते हैं जैसे करेरी झील, जहाँ तक पहुँचने के लिए आप धौलाधार रेंज में 14 कि.मी की ट्रेकिंग करनी होगी। इसके अलावा आप बृजेश्वरी मंदिर, बैजनाथ मंदिर, कांगड़ा का किला, ज्वाला देवी मंदिर, चामुंडा देवी मंदिर और इंद्रहार पास ट्रेक भी घूम सकते हैं।

भारत में ऐसे-ऐसे मंदिर हैं जो पढ़ने वाले को हैरान कर दें। क्या आप भी ऐसे मंदिरों के बारे में जानते हैं ? कमेंट्स में बताओ ताकि मैं भी वहाँ की जानकारी लेकर घूमने जा सकूँ।

क्या आपने कभी इस मंदिर को देखा है? यहाँ क्लिक करें और अपने सफर का अनुभव Tripoto पर बाँटें।

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