आंध्र प्रदेश के ऐतहासिक शहर चित्तूर की यात्रा एक बार जरूर करें, घूमने को है बहुत कुछ

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Photo of आंध्र प्रदेश के ऐतहासिक शहर चित्तूर की यात्रा एक बार जरूर करें, घूमने को है बहुत कुछ by Musafir Rishabh

अगर आप कहते हैं कि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड भारत के सबसे खूबसूरत राज्य हैं तो उसकी वजह है कि आप राजस्थान और उत्तराखंड ज्यादा घूमे हैं। भारत के कोने-कोने में खूबसूरती है। कहीं पर प्रकृति के खूबसूरत नजारे हैं तो किसी जगह पर कुदरत अपने साथ ऐतहासिक पहलुओं को भी समेटे हुए है। जब हम घूमने के लिए दक्षिण भारत की बात करते हैं तो हमारे जेहन में केरल का मुन्नार, एलेप्पी आते हैं लेकिन आंध्र प्रदेश के लिए तिरूपति आता है। आंध्र प्रदेश में तिरूपति के अलावा भी बहुत सारी जगहें हैं, जहाँ पहुँचकर आप खुद को आजाद पंक्षी के जैसा महसूस करेंगे। अगर आप आंध्र पद्रेश की ऐसी ही जगह पर जाना चाहते हैं तो आपको चित्तूर जाना चाहिए।

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हम सबने चित्तूर का नाम जरूर सुना होगा लेकिन ये कम लोगों को ही पता होगा कि यहाँ घूमने को बहुत कुछ है। चित्तूर आंध्र प्रदेश के इतिहास से जुड़ा एक बड़ा नाम है। इसलिए आपको यहाँ पर कई ऐतहासिक जगहें भी देखने को मिलेंगी। चित्तूर के प्राकृतिक नजारे आपको मंत्रमुग्ध कर देंगे। यहाँ के नजारे देखने के बाद आपका इस जगह पर कुछ दिन और ठहरने का मन करेगा। चित्तूर प्रकृति प्रेमियों के लिए जन्नत से कम नहीं है। अगर आप आंध्र प्रदेश के चित्तूर जान चाहता हैं तो पहले इस जगह की सटीक और सही जानकारी ले लीजिए।

चित्तूर

चित्तूर आंध्र प्रदेश का ऐतहासिक महत्व रखने वाला शहर है। तिरूपति से चित्तूर की दूरी लगभग 72 किमी. है। इस शहर की आपको यात्रा करनी चाहिए क्योंकि इस जगह की संस्कृति बेहद रिच है। चित्तूर जिले में ही दुनिया की सबसे अमीर मंदिर है। अगर आप सोचते हैं कि यहाँ मंदिर और किले ही हैं तो आप थोड़ा गलत हैं। चित्तूर में मंदिर और किलों के अलावा पहाड़, हरियाली और झरने है। जब आप इस शहर के सबसे उंची जगह से डूबते हुए सूरज को देखेंगे तो आपका रोम-रोम खिल जाएगा।यहाँ आने का मतलब है कि अपने देश को जानना, आंध्र को जानना।

कैसे पहुँचे?

फ्लाइट सेः अगर आप चित्तूर फ्लाइट से जाना चाहते हैं तो सबसे नजदीकी एयरपोर्ट तिरुपति हवाई अड्डा। चित्तूर से एयरपोर्ट की दूरी 57 किमी. है। आप यहाँ से चित्तूर टैक्सी या कैब बुक करके जा सकते हैं।

ट्रेन सेः यदि आप ट्रेन से चित्तूर जाने का सोच रहे हैं तो चित्तूर में ही रेलवे स्टेशन है। चित्तूर रेलवे स्टेशन देश के बाकी रेलवे स्टेशनों से अच्छी तरहों से जुड़ा हुआ है। यहाँ नियमित रूप से टेनें आती-जाती रहती हैं।

वाया रोडः अगर आप वाया रोड चित्तूर जाना चाहते हैं तो वैसे भी जा सकते हैं। आप एक तो खुद की गाड़ी से चित्तूर जा सकते हैं, रोड अच्छी है तो आपको चित्तूर पहुँचने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। वहीं आप बस से भी चित्तूर जा सकते हैं। भारत के कई शहरों से चित्तूर के लिए बस चलती हैं।

कब जाएं?

आंध्र प्रदेश के चित्तूर में गर्मियों के सीजन में बहुत गर्मी पड़ती है इसलिए चित्तूर न ही जाएं तो सही रहेगा। चित्तूर जाने का सबसे सही समय नवंबर से फरवरी तक है। तब मौसम भी घूमने लायक रहता है और प्रकृति भी खिल उठती है। चित्तूर में रहने के लिए भी कोई दिक्कत नहीं आएगी। शहर में आपको छोटे-बड़े हर प्रकार के होटल मिल जाएंगे। आप अपने हिसाब से रहने का ठिकाना चुन सकते हैं।

आंध्र का जायका

श्रेय: वाट्स कुकिंग।

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आंध्र प्रदेश अपने लजीज जायके के लिए भी जाना जाता है। इडली, डोसा, सांभर इसके बारे में तो सबको पता है लेकिन आपने पुलिहोरा का नाम सुना है। पुलिहोरा आंध्र की लोकल डिश है। असल में ये इमली चावल हैं जिसके साथ हरी चटनी भी होती है। जब आप ये चावल खाएंगे तो मजा ही आ जाएगा। इसके अलावा चेपा पुलुसु और पेसारत्तू भी आपको चित्तूर में जरूर खाना चाहिए। आंध्र प्रदेश आओ और यहाँ के जायके का स्वाद न लिया जाए तो यहाँ का सफर अधूरा ही रहेगा।

क्या देखें?

1- गुर्रमकोंडा किला

श्रेय: यूट्यूब।

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चित्तूर के इतिहास को संजोए गुर्रमकोंडा किला चित्तूर के बीचों-बीच एक पहाड़ी पर स्थित है। 500 फीट की ऊँचाई पर स्थित गुर्रमकोंडा किला अपने अंदरूनी हिस्से के लिए जाना जाता है। आज जब आप इसे किले को देखेंगे तो ये पत्थर का बना हुआ दिखाई देगा लेकिन शुरू में ये मिट्टी और चट्टानों से बनाया गया था। बाद में ये किला गोलकोंडा सल्तनत का हिस्सा बन गया। जिसके बाद इस किले को पत्थर का बनाया गया। गुर्रमकोंडा किला पर कुछ समय तक टीपू सुल्तान का भी कब्जा रहा था। आप चित्तूर आएं तो इस किले को देखना न भूलें।

2- होर्सले हिल

चित्तूर का सबसे खूबसूरत और फेमस जगह है, होर्सले हिल। होर्सल आंध्र प्रदेश का बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है, इसे आंध ऊँटी के नाम से भी जाना जाता है। अगर आप चित्तूर की असली खूबसूरती देखना चाहते हैं तो आपको इस हिल स्टेशन पर जरूर जाना चाहिए। रिलैक्स करने, अपनी फैमिली या किसी खास के साथ जाने के लिए परफेक्टर है, होर्सले हिल स्टेशन। दूर-दूर तक आपको सिर्फ हरियाली ही हरियाली दिखाई देगी। जब आपके शरीर को ठंडी-ठंडी हवा छुएगी तो आपका मन खिल उठेगा। आप यहाँ पिकनिक के लिए आ सकते हैं, कैपिंग कर सकते और एडवेंचर भी कर सकते हैं। आपको एक बार इस जगह पर जरूर आना चाहिए।

3- कौण्डिन्य वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी

अगर आप ठेठ प्रकृति प्रेमी हैं तो आपको चित्तूर के कौण्डिन्य वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी की सैर जरूरकरनी चाहिए। 358 वर्ग किमी. में फैली ये सैंक्चुरी अपनी हरियाली और पहाड़ों के नजारों के लिए जानी जाती है। इस वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी से कैंगल और कौण्डिन्य नाम की दो नदियाँ गुजरती हैं। जब आप इन हरे-भरे नजारों के बीच नदी को बहते हुए देखेंगे तो इससे खूबसूरत कुछ और नहीं लगेगा। ऐसी जगह वाकई कमाल की होती हैं। कौण्डिन्य वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी चित्तूर शहर से 65 किमी. की दूरी पर है। इस सैंक्चुरी में हिमालयी काले भालू, स्लोथ बीयर, हाथी, सियार, दरियाई घोड़ा, हाइना, पैंथर और बहुत से जानवर मौजूद हैं।

4- श्री वेंकटेश्वर मंदिर

श्रेय: कर्ली टेल्स।

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आंध्र प्रदेश के सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक है, श्री वेंकटेश्वर मंदिर। ये मंदिर भगवान बालाजी को समर्पित हैं जिन्हें वेंकटेश्वर के नाम से जाना जाता है। कहा जाता है कि इस प्राचीन और विशाल मंदिर को 12वीं शताब्दी में बनवाया गया था। इस मंदिर की बनावट चोल, पंडया और पल्लव आर्किटेक्चर की है जो इसे और भी खास बनाता है। इसके अलावा चित्तूर से 25 किमी. दूर मोगली नाम का गाँव है। इस गाँव में मोगलीश्वरा मंदिर है, इसमें भगवान शिव की मूर्ति है। चित्तूर आएं तो इन मंदिरों को जरूर देखें।

5- नागरी हिल्स

चित्तूर में होर्सल हिल के अलावा एक और खूबसूरत जगह है, नागरी हिल्स। नागरी हिल्स देखने में इंसान की नाक की तरह दिखती है इसलिए इसे नागरी नाक भी कहते हैं। 855 मीटर की ऊँचाई पर स्थित नागरी हिल्स से चित्तूर का खूबसूरत नजारा दिखाई देता है। ऐसे ही नजारों के लिए तो नागरी हिल्स जाना जाता है। आप यहाँ अपने दोस्तों और परिवार के साथ आ सकते हैं। आपको यहाँ से उगते हुए सूरज या सनसेट का नजारा जरूर देखना चाहिए। ये नजारे आपकी चित्तूर यात्रा को सफल बना देंगे। इसके अलावा चित्तूर में नागलापुरम हिल स्टेशन भी है जिसे आप देख सकते हैं।

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