बच्चों के साथ लेना है घुमक्कड़ी का मजा तो यूपी की इन जगहों पर मिलेगा मस्ती और धमाल का अनमोल तोहफा

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Photo of बच्चों के साथ लेना है घुमक्कड़ी का मजा तो यूपी की इन जगहों पर मिलेगा मस्ती और धमाल का अनमोल तोहफा by Deeksha Agrawal

अकेले घूमना बहुत आसान होता है। आपको अपने मन के मुताबिक चीजें करने की छूट होती है। लेकिन जब आप परिवार और बच्चों के साथ ट्रेवल कर रहे हों तो अक्सर आपको उन सबकी पसंद और नापसंद को भी ध्यान में रखकर ट्रिप प्लान करनी होती है। खासतौर से यदि आप बच्चों के साथ घूमने जाने का प्लान बना रहे हैं तो आपको और भी ज्यादा सोच समझकर ऐसी जगहों को लिस्ट में जोड़ना होता है। जहाँ बच्चे बोर भी ना हों और उन्हें सीखने के लिए भी नई चीजें मिलती रहें। हर राज्य में कुछ जगहें होती हैं जो बच्चों की फेवरेट होती हैं। अगर आप यूपी में बच्चों घुमाने लायक जगहों के बारे में जानना चाहते हैं तो आपकी कुछ मदद हम कर देते हैं। हमने आपके लिए यूपी के कुछ शहरों की सबसे खास जगहों को मिलकर एक सूची तैयार की है जो बच्चों के लिए एकदम परफेक्ट हैं।

1. ताजमहल, आगरा

ताजमहल को यह विश्व में मोहब्बत की सबसे खूबसूरत निशानी कहा जाता है। सफेद संगमरमर से बनी इस इमारत को देखने केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया से लोग आते हैं। ताजमहल का निर्माण मुगल शासक शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज महल की याद में करवाया था। ये इमारत इतनी खूबसूरत है कि बड़े तो क्या बच्चे भी इसके फैन हो जाएंगे। ताजमहल के आसपास की हरियाली और फव्वारे भी बच्चों को खूब पसंद आते हैं। दूर से देखने में ताजमहल आपको छोटा लग सकता है। लेकिन जैसे जैसे आप इसके करीब आते जाएंगे ये विश्व धरोहर धीरे-धीरे आपको अपने सौंदर्य के चादर में लपेटती चली जाएगी। इसी वजह से ताजमहल को विश्व के सात अजूबों में भी शामिल किया गया है। 42 एकड़ में फैले ताजमहल को बनाने में कुल 20 हजार मजदूरों का योगदान रहा है। जिन्होंने 22 वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद इस बेमिसाल इमारत को वो रूप दिया जिसको देख सभी की आँखें खुली की खुली रह जाती हैं।

पता: धर्मापुरी, फॉरेस्ट कॉलोनी, ताजगंज, आगरा

समय: सुबह 6 बजे से शाम 7 बजे तक। शुक्रवार को ताजमहल बंद रहता है।

एंट्री फी: 80 रुपए प्रति व्यक्ति।

2. जनेश्वर मिश्रा पार्क, लखनऊ

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श्रेय: यूट्यूब

लखनऊ के गोमतीनगर एक्सटेंशन में बने इस पार्क को देख ही लगता है कि ये खास बच्चों के लिए बनाया गया है। वैसे लखनऊ में घूमने के लिए आपके पास जगहों की कमी नहीं है। लेकिन जब बात बच्चों के हिसाब से ट्रिप प्लान करने की आती है तब आपको थोड़ा सोच लेना चाहिए। वैसे बता दें ये पार्क हर उम्र के लोगों के लिए एकदम परफेक्ट जगह है। पेड़ पौधों से भरे इस पार्क में जॉगिंग ट्रैक और गोल्फ कोर्स से लेकर बच्चों के लिए झूलों का भी इंतजाम किया गया है। केवल यही नहीं इस पार्क में एक झील भी है जिसमें आप अपने परिवार और बच्चों के साथ बोटिंग करने का मजा उठा सकते हैं। इस झील में बोटिंग करने के लिए आपको एक खास नाव की सवारी करने का मौका मिलता है जिसको गंडोला कहा जाता है। गंडोला बोट की शुरुआत इटली के वेनिस शहर में हुई थी जिसके बाद ये नाव इटली की पहचान बन गई। इसके अलावा पार्क में आने वाले लोगों के लिए हेरिटेज ट्रेन की व्यवस्था भी की गई है। इसके अलावा बच्चों के मनोरंजन के लिए पार्क में डिजिटल कहानी घर की शुरुआत भी की गई है।

पता: सेक्टर 1, गोमतीनगर, उजरियांव

समय: सुबह 5 बजे से रात 9 बजे तक

एंट्री फी: 15 रुपए प्रति व्यक्ति। गंडोला के लिए 100 रुपए प्रति व्यक्ति

3. ब्लू वर्ल्ड थीम पार्क, कानपुर

आप किसी भी बच्चे उसके गर्मियों के सबसे शानदार एक्सपीरियंस के बारे में पूछ लीजिए। 10 में से 8 बच्चों के जवाब में वॉटरपार्क की मस्ती जरूर शामिल होगी। ब्लू वर्ल्ड थीम पार्क वाटरपार्क जरूर है लेकिन इसमें मस्ती के साथ-साथ बच्चों के विकास पर भी ध्यान दिया गया है। इस पार्क में आप बच्चों के साथ झूले झूलने का मजा ले सकते हैं। इस पार्क में ना केवल भारतीय पर चीन, इजिप्ट, म्यांमार और यूरोपीय संस्कृतियों से जुड़े तथ्यों को भी शामिल किया गया है। हर देश की संस्कृति के साथ साथ उन देशों में चलने वाले रंगों को भी साथ में जोड़ा गया है। इस पार्क में लगे सभी झूलों में चटख रंगों का इस्तेमाल किया गया है। जो इस पार्क को और भी सुंदर बनाता है। केवल यही नहीं पार्क में आपके खाने-पीने का भी पूरा इंतजाम किया गया है। पार्क में फूड कोर्ट बनाया गया है जहाँ आप खाना खा सकते हैं। इन सभी चीजों के अलावा इस थीम पार्क में लेजर शो, चेयर लिफ्ट, गेम्स प्लाजा और डायनासोर पार्क भी बनाया गया है।

पता: मंधाना बिठूर रोड, कानपुर

समय: सुबह 10 बजे से लेकर शाम 7.30 बजे तक

एंट्री फी: 700 रुपए प्रति व्यक्ति

4. आनंद भवन, प्रयागराज

जवाहरलाल नेहरू और उनका बच्चों के प्रति लगाव के बारे में कौन नहीं जानता। ऐसे में बच्चों की बात आए और चाचा नेहरू से जुड़ी किसी जगह का जिक्र ना हो ऐसा तो हो ही नहीं सकता। इलाहाबाद का आनंद भवन नेहरू परिवार का पुश्तैनी मकान है। आनंद भवन को वैसे तो एक हेरिटेज साइट के रूप में भी देखा जा सकता है। लेकिन यदि आप अपने बच्चों को उनके सबसे प्रिय मित्र से जुड़ी चीजों के बारे में सीखना चाहते हैं तो आनंद भवन से बढ़िया जगह और कोई नहीं है। आनंद भवन में कुल दो मंजिलें हैं। दोनों मंजिलों पर नेहरू परिवार और गांधी से जुड़ी चीजों को दिखाया गया है। खास बात ये है कि इन सभी चीजों के रख रखाव में बहुत ध्यान दिया गया है। यकीन मानिए नेहरू भवन की एक भी टेबल पर आपको धूल का नामोनिशान नहीं दिखेगा। मुख्य द्वार से आनंद भवन तक के रास्ते में आपका स्वागत ढेर सारी हरियाली से होगा। अगर मौसम ने साथ दिया तो आपको यहाँ गुलाबों का मेला भी देखने के लिए मिल सकता है। आनंद भवन परिसर में आप स्वराज भवन और तारामंडल भी देख सकते हैं। स्वराज भवन वो जगह है जहाँ इंदिरा गांधी के जीवन से जुड़ी चीजों को दिखाया गया है।

पता: 246/199, कलोनेलगंज, प्रयागराज

समय: सुबह 9.30 बजे से शाम 5 बजे तक। आनंद भवन सोमवार को बंद रहता है।

एंट्री फी: दोनों फ्लोर के लिए 70 रुपए

5. दुधवा नेशनल पार्क, लखीमपुर खीरी

भारत और नेपाल की सीमा के बेहद नजदीक स्थित ये नेशनल पार्क बच्चों को यकीनन पसंद आएगा। लखनऊ से करीब 230 किमी. की दूरी पर स्थित ये नेशनल पार्क पहले वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी हुआ करता था। फिर 1977 के बाद इसको राष्ट्रीय उद्यान यानी नेशनल पार्क में बदल दिया गया। ये नेशनल पार्क यूपी की तेराई बेल्ट में है। इस पार्क में बच्चे तरह-तरह के जानवरों को देख सकते हैं। दुधवा नेशनल पार्क हिरण, शेर, चीता, बाघ, हाथी के अलावा भी कई जानवरों का घर है। अगर आप बच्चों को वन्यजीव वों के साथ-साथ तरह-तरह के पंछियों के बारे में सीखने चाहते हैं तो उसके लिए भी दुधवा नेशनल पार्क बढ़िया जगह है। फिलहाल दुधवा नेशनल पार्क के दो हिस्से हैं- किशनपुर वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी और कतरनियाघाट वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी।

पता: स्टेट हाइवे 90, बिक्रम वन फार्म के पास, पलिया कलान

समय: सुबह 6.30 बजे से 10.30 बजे तक। दोपहर 2.30 बजे से 5.30 बजे तक

एंट्री फी: 100 रुपए प्रति व्यक्ति

6. रेलवे म्यूजियम, गोरखपुर

गोरखपुर का रेल म्यूजियम बच्चों के साथ साथ बड़ों के लिए भी आश्चर्य की जगह बन चुका है। ये म्यूजियम इतनी बारीकी से बनाया गया है कि आपके बच्चों को इस जगह से प्यार हो जाएगा। इस म्यूजियम में ट्रेनों से जुड़े ऐसी कई रोचक चीजें हैं जो बच्चों को बहुत पसंद आएंगी। यहाँ रेलवे का इतिहास भी दिखाया गया है। पुराने समय में ट्रेनों की बनावट से लेकर आज दिखाई दिन वाले हाई टेक इंजनों के बारे में भी बातें की गईं हैं। ये म्यूजियम खास नॉर्थ इंडियन रेलवे की कहानी बयां करता है। इस म्यूजियम में 1874 में बनाया गया लॉर्ड लॉरेंस का स्टीम इंजन भी रखा गया है। जिसे उस समय समुद्र के रास्ते भारत लाया गया था। इसके अलावा इस म्यूजियम में रेलवे कर्मचारियों द्वारा पहनी जाने वाली यूनिफॉर्म, स्टेशनों पर लगी घड़ियाँ और फर्नीचर के बारे में भी विस्तार से बताया गया है। इन सभी चीजों को देखने के बाद भी यदि कोई चीज है जो बच्चों को खुशी से भर देती है वो है इस म्यूजियम की टॉय ट्रेन। खास बच्चों के लिए चलाई जा रही टॉय ट्रेन की छोटी सी सवारी सभी को खुश कर देती है।

पता: रेलवे कॉलोनी स्टेडियम, गोरखपुर

समय: दोपहर 12 बजे से रात 9 बजे तक। ये म्यूजियम सोमवार को बंद रहता है।

एंट्री फी: 5 रुपए प्रति व्यक्ति। टॉय ट्रेन के लिए 10 रुपए

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