गायब होने से पहले भारत की ये 6 प्यारी जगहें घूम आइए 

Tripoto

कहते हैं परिवर्तन ही संसार का नियम है | दुर्भाग्यवश, ये बात देश के कुछ बेहद खूबसूरत पर्यटन स्थलों के लिए भी लागू होती है | जो लोग प्रकृति, संस्कृति, या हमारे समृद्ध इतिहास की जानकारी की तलाश में हैं, उनके लिए भारत में बहुत कुछ है | आप जिस चीज़ का नाम लेंगे वही आपको भारत में देखने को मिल जाएगी | आपके जैसे पक्के मुसाफिर के लिए भारत में कई बेहतरीन जगहें भी हैं जो अब संकट में हैं |

तो इससे पहले की बहुत देर हो जाए, अपने बैग पैक कीजिए, कैमरा उठाइए और इन जगहों की सैर करने निकल जाइए |

सुंदरवन

भारत और बांग्लादेश की ज़मीन पर फैले सुंदरवन में अनगिनत प्रजातियों के पक्षी और लुप्तप्राय जानवर जैसे रॉयल बेंगाल टाइगर पाए जाते हैं | सुंदरवन को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर का दर्जा दिया गया है और यहीं दुनिया का सबसे विशाल सदाबहार जंगल पाया जाता है | अगर आपको जीव-जंतुओं को देखन का शौक है तो प्रजातियों के लुप्त होने से पहले ही यहाँ घूम लें |

जाने का सबसे सही समय : सितंबर से मार्च

देखने और करने के लिए : सजनखेली पक्षी अभयारण्य में बर्ड वाचिंग, फयितोप्लैन्क्तन देखने के लिए रात के नाइट सफारी, 400 साल पुराना नेतिधोपानी मंदिर

कहाँ ठहरें : सुंदरबन टाइगर रोर रिज़ॉर्ट, सुंदरबन गेटवे रिज़ॉर्ट

लक्षद्वीप

लक्षद्वीप में समंदर की सतह के नीचे डूबी मूँगे की चट्टानें बेहद सुंदर हैं मगर कई कारणों की वजह से संकटग्रस्त हैं | मूँगे की चट्टानों पर वातावरण में बदलाव जैसे ब्लास्ट फिशिंग, मूँगा खनन और समुद्र तल में बढ़ोतरी का बहुत असर होता है | तो बैग बान्धिये और आज ही लक्षद्वीप में पानी के नीचे मूँगे की चट्टानें देखने का रोमांच अनुभव करने निकल जाइए |

जाने का सबसे सही समय : अक्तूबर से मई के बीच तक

देखने और करने के लिए : बांगरम द्वीप, अगाती द्वीप पर स्कूबा डाइविंग, मरीन म्यूज़ियम

कहाँ ठहरें : बांगरम द्वीप रिज़ॉर्ट, अगाती द्वीप बीच रिज़ॉर्ट और कोरल बीच रिज़ॉर्ट |

वैली ऑफ फ्लावर्स

उत्तराखंड की वैली ऑफ फ्लावर्स भी यूनेस्को द्वारा घोषित विश्व धरोहर है जिसे यहाँ के पहाड़ी वनस्पति के कारण जाना जाता है | इस वैली की खूबसूरती बर्फ पिघलने पर ही सामने आती है | मगर ये वैली भी अब ख़तरे में है | जंगलों की कटाई, पर्यटन में बढ़ावा और अंतहीन विकास कार्यों के चलते इस वैली की खूबसूरती घट सी गयी है | कहते हैं 'खूबसूरती ही विनाश का कारण बनती है |'

जाने का सबसे सही समय : जून से अक्टूबर

देखने और करने के लिए : बद्रीनाथ मंदिर, वसुधारा झरना, नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान

कहाँ ठहरें : हिमालयन एबोड, कुबेर एनेक्स

वुलर झील

एशिया की सबसे बड़ी ताज़े पानी की झीलों में से एक, वुलर झील, जम्मू और कश्मीर के बेहद आकर्षक स्थलों में से एक है। वाटर स्पोर्ट्स के आने के बाद वुलर झील पर सैलानियों की तादात बढ़ गयी है | दुर्भाग्यवश, पर्वावरण के मुद्दों जैसे झील में जलीय पक्षियों के शिकार और प्रदूषण के चलते झील संकटग्रस्त है | साथी ही झील के आस पास की नम ज़मीन ख़त्म होने से झील सिकुड रही है |

जाने का सबसे सही समय : मार्च से सितंबर

देखने और करने के लिए : पहलगाम, सोनमर्ग, पीर पंजाल रेंज में शिकारा की सवारी

कहाँ ठहरें : ट्राइडेंट कश्मीर रिजॉर्ट, होटल जाह्जीर कॉन्टिनेंटल, गुलमर्ग रिसॉर्ट्स

माजुली

ऊपरी आसाम में माजुली, नदी द्वारा बनाए गये सबसे बड़े द्वीपों में से एक है | यहाँ विविध प्रकार के वन्यजीव जैसे हाथियों, बाघों, खरगोशों और अन्य पक्षियों व जानवरों की प्रजातियाँ भी पाई जाती हैं | पेड़ों की कटाई के कारण माजुली द्वीप सिकुड रहा है | ब्रह्मपुत्र के कटाव के कारण अगले 15 से 20 वर्षों में इस द्वीप के डूबने की संभावना है, इसलिए जल्द ही यहाँ घूम लें |

जाने का सबसे सही समय : मार्च से जून और अक्टूबर से फरवरी

देखने और करने के लिए : गार्मुर और तेंगापानिया की यात्रा करें, निमाती घाट से फेरी की सवारी करें

कहाँ ठहरें : ला मैसन डी आनंद, डेकासैंड रिजॉर्ट और काजीरंगा गोल्फ रिजॉर्ट

इस साल कोई पछतावे का कारण ना बचने दें | इससे पहले की ये सुंदर जगहें लुप्त हो जाएँ, एक बार यहाँ घूम आइए | अपने अनुभव हमें यहाँ लिख कर बताइए |ज़मीन के कम होने के कारण झील सिकुड भी रही है |

यह आर्टिकल अनुवादित है | ओरिजिनल आर्टिकल पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें |

Be the first one to comment