कोलकाता को लोकल की तरह कैसे घूमें? पूरी जानकारी यहाँ मिलेगी

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Photo of कोलकाता को लोकल की तरह कैसे घूमें? पूरी जानकारी यहाँ मिलेगी by Musafir Rishabh

कोलकाता भारत के सबसे बड़े शहरों में से एक तो है लेकिन आज भी कोलकाता का अपना चार्म बरकरार हैं। यहाँ घूमते हुए आपको लगेगा कि आप किसी पुराने कोलकाता में घूम रहे हों। कोलकाता अपनी संस्कृति, कला और शानदार इतिहास के लिए जाना जाता है। हर कोई कोलकाता को अपनी तरह एक्सप्लोर करता है लेकिन कोलकाता की असली सुंदरता तो लोकल की तरह घूमने पर ही देखने को मिलेगी। हम आपको आज कोलकाता को एक लोकल की तरह सैर करवाएँगे तो आइए आज सिटी ऑफ जॉय कलकत्ता को एक्सप्लोर करते हैं।

दिन 1:

तिरेट्टा बाज़ार में नाश्ता

आप अपनी सुबह की शुरूआत चाइनीज़ ब्रेकफास्ट से कर सकते हैं। इसके लिए कोलकाता में सबसे शानदार तिरेट्टा बाज़ार। इस बाज़ार को कोलकाता को ब्रेकफास्ट हब कहा जाता है। यहाँ आपको इंडियन और चाइनीज़ दुकानदार चाइनीज़ ब्रेकफास्ट देते हुए मिल जाएँगे। यहाँ आपको चाइनीज़ ब्रेकफास्ट की काफ़ी वैरायटी मिल जाएगी। आपको नूडल्स या मोमोज का स्वाद ज़रूर लेना चाहिए। ये बाज़ार सुबह 6:30 बजे से 8:30 बजे तक ही लगता है।

कुमारटोली

आपने कोलकाता की लोकप्रिय दुर्गा पूजा देखी है? दुर्गा पूजा की शानदार मूर्तियाँ कुमारटोली में बनती हैं। कुमारटोली कला का एक शानदार केन्द्र है, ये अपने आप में एक हेरिटेज है। दुर्गा मूर्ति के अलावा कई हिन्दू देवी-देवताओं की मूर्तियाँ यहाँ बनाई जाती हैं। कुमारटोली में 500 से ज़्यादा कार्यशाला हैं जिनको आप देख सकते हैं। लोग कई पीढ़ियों से इस काम को शानदार तरीक़े से कर रहे हैं।

ट्राम राइड

अगर आपको पुराने कोलकाता का फ़ील करना है तो ट्राम की यात्रा ज़रूर करनी चाहिए। ये कलकत्ता में आज के समय में चलने वाला सबसे धीमा वाहन है। इसमें बैठकर आपको कलकत्ता और भी प्यारा लगने लगेगा। जरा सोचिए कि भारत के सबसे बड़े शहर में से एक कोलकाता में आज भी सैकड़ों साल पुरानी ट्राम चलती है। हर घूमने वाला एक बार इसमें ज़रूर बैठना चाहता है। ट्राम में यात्रा करना अपने आप में एक शानदार अनुभव है।

मार्बल पैलेस

मार्बल पैलेस को देखे बिना कोलकाता का यात्रा अधूरी मानी जाएगी। संगमरमर के महल के नाम से लोकप्रिय मार्बल पैलेस को 1835 के आसपास पश्चिम बंगाल के व्यापारी राजेन्द्र मुलिक ने बनवाया था। इस पैलेस के निर्माण में 126 से ज़्यादा अलग-अलग पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है। मार्बल पैलेस के अंदर एक तालाब भी है जिसे आप देख सकते हैं। वर्तमान में ये पैलेस सरकार के अधीन है।

हावड़ा ब्रिज

कोलकाता की एक जगह है जो हर व्यक्ति के ज़ेहन में छपी हुई है, वो है हावड़ा ब्रिज। हावड़ा ब्रिज एक प्रकार से कोलकाता की पहचान बन गया है। हुगली नदी पर बने हावड़ा ब्रिज को पीली टैक्सी से पार करना एक अलग ही अनुभव है। हावड़ा ब्रिज एक शानदार आर्किटेक्चर का बेजोड़ नमूना है। आप शाम को हुगली नदी के किनारे पर बैठकर इस शानदार ब्रिज को देख सकते हैं। यहाँ आपको शाम बिताने में वाक़ई मजा आएगा।

दिन 2:

फ़ूड स्ट्रीट

कोलकाता के पार्क स्ट्रीट में एक फ़ूड स्ट्रीट भी है। अगर आप फूडी हैं तब तो ये ज़गह आपके लिए किसी जन्नत से कम नहीं है। यहाँ पर कई सारे रेस्टोरेंट हैं जिनमें आपको खाने की अलग-अलग वैरायटी मिल जाएगी। पार्क स्ट्रीट कोलकाता की सबसे फ़ेमस जगहों में से एक है और यहाँ पहुँचना भी आसान है। कोलकाता जाएँ तो इस जगह पर जाना ना भूलें।

कॉलेज स्ट्रीट

कोलकाता को घूमना सिर्फ फ़ेमस जगहों और इमारतों को देखना नहीं है बल्कि यहाँ की गलियों में भी घूमना पड़ेगा। यह स्थानीय व्यक्ति आपको ऐसी ही गलियों में टहलता हुआ मिलेगा। कोलकाता में एक जगह है, कॉलेज स्ट्रीट। कॉलेज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हैंड बुक मार्केट है। आप किताबों के इस बड़े से बाज़ार में खो जाना चाहिए। आप यहाँ से अपनी पसंद की किताबें ख़रीद सकते हैं।

फ़ोर्ट विलियम

फ़ोर्ट विलियम कोलकाता शहर में हुगली नदी के तट पर स्थित है। 1696 में निर्मित इस क़िले का नाम किंग विलियम तृतीय के नाम पर रखा गया था। 70.9 एकड़ में फैला फ़ोर्ट विलियम आर्किटेक्चर का एक बेजोड़ नमूना है। एक तारे के पैटर्न पर बनाए गए इस क़िले को तोप गोले से भी नष्ट नहीं किया जा सकता था। इस क़िले में अंदर जाने के 6 प्रवेश गेट हैं।

शाम में गंगा घाट

अगर आप कलकत्ता में शाम के समय किसी शांत पर जाना चाहते हैं तो गंगा घाट से बढ़िया जगह और कोई नहीं है। यहाँ पर आप शाम के सबसे बैठकर सूरज को डूबते हुए देख सकते हैं। आप यहाँ से आसपास के लोगों की दिनचर्या को देख सकते हैं। गंगा में नावों का होना भी एक शानदार दृश्य है। आपको शाम को यहाँ वाक़ई में अच्छा लगेगा।

दिन 3:

बरगद का पेड़

आपने कई सारे बरगद के पेड़ देखे होंगे लेकिन कोलकाता के द आचार्य जगदीश चन्द्र बोस बॉटेनिकल गार्डन में एक बरगद का पेड़ है जो 250 साल पुराना है। इस पेड़ को दुनिया के सबसे विशालकाय बरगद के रूप में जाना जाता है। इसे देखकर आप अंदाज़ा नहीं लगा सकते कि ये एक पेड़ है या पूरा जंगल। 14,500 वर्ग मीटर में फैला ये पेड़ तक़रीबन 24 मीटर ऊँचा है। ये पेड़ पक्षियों की 80 से ज़्यादा प्रजातियों का घर है।

मिठाई

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कहते हैं कि कोलकाता में अगर आपने मिठाई का स्वाद नहीं लिया तो आपकी कोलकाता की यात्रा अधूरी ही मानी जाएगी। कोलकाता में कई सारी पुरानी मिठाई की दुकानें हैं जहां आपको अलग-अलग प्रकार की मिठाइयाँ मिलेंगी। यक़ीन मानिए इतनी स्वादिष्ट मिठाई आपने पहले किसी शहर में नहीं खाई होगी। कोलकाता को स्वादिष्ट मिठाईयों का घर भी कहा जा सकता है।

फ़िश मार्केट

अगर आप कोलकाता के फ़िश मार्केट नहीं गए तो आपको असली कोलकाता देखने को नहीं मिलेगा। यहाँ पर आपको समझ आएगा कि बंगाली व्यक्ति मछली से कितना प्यार करता है। मछली बाज़ार में जो पागलपान, भीड़ और शोर देखने को मिलेगा, वो ही इस जगह की ख़ूबसूरती है। मोलभाव करते हुए अच्छी क्वालिटी की मछली को खोजते हुए लोग आपको यहाँ मिल जाएँगे। एक लोकल की तरह कोलकाता तो देखना है तो यहाँ तो आना ही चाहिए।

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