भारत की वो जगहें जहां बिना परमिट के आपको घुसने तक नहीं दिया जाएगा

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Photo of भारत की वो जगहें जहां बिना परमिट के आपको घुसने तक नहीं दिया जाएगा by Musafir Rishabh

कोई भारतीय हो और उसे विदेश जाना है तो जाहिर-सी बात है कि वीजा लेना ही पड़ेगा। लेकिन अगर मैं कहूँ कि आपको अपने ही देश में परमिट लेना पड़े तो? मेरी बात पर बहुतों को विश्वास नहीं होगा लेकिन भारत में कुछ जगहें ऐसी हैं जहाँ आप बिना परमिट के जा ही नहीं सकते। जिस प्रकार हर भारतीय के लिए आधार अनिवार्य है ठीक उसी तरह इन जगहों पर जाने के लिए इनरलाइन पास बहुत जरूरी है। तो चलिए भारत की कुछ ऐसी जगहों से आपको रूबरू कराते हैं।

इनरलाइन पास?

सबसे पहले तो जान लीजिए ये इनरलाइन पास क्या होता है? इनरलाइन पास एक जरूरी दस्तावेज होता है जो आपको कुछ दिनों के लिए उन प्रतिबंधित जगहों पर जाने की परमिशन देता है। ये आमतौर पर बेहद संवेदनशील जगहें होती हैं। खासकर ये जगहें इंटरनेशन बाॅर्डर के पास होती हैं। इसलिए सुरक्षा के लिहाज से इनरलाइन परमिट को अनिवार्य बनाया गया है।

अरुणाचल प्रदेश

भारत के सबसे खूबसूरत राज्यों में से एक अरुणाचल प्रदेश में कई छिपे हुए नगीने है। अरुणाचल प्रदेश पूर्वोत्तर का वो राज्य जो सबसे ज्यादा इंटरनेशन बाॅर्डर शेयर करता है। पहाड़ और हरियाली से भरे इस राज्य के पश्चिम में भूटान है तो पूर्व में म्यांमार है और उत्तर में चीन है। इन राज्यों के स्थानीय लोगों को छोड़कर हर किसी को यहाँ आने के लिए इनरलाइन पास लेना पड़ेगा। अरुणाचल प्रदेश के लिए इनरलाइन परमिट आप कमिश्नर ऑफिस से ले सकते हैं।

आप इनरलाइन पास कोलकाता, नई दिल्ली, शिलांग और गुवाहटी से ले सकते हैं। इसके अलावा आप इस परमिट को ऑनलाइन भी ले सकते हैं। आप इनरलाइन पास को अकेले या ग्रुप में ले भी सकते हैं। इसकी फीस प्रति व्यक्ति 100 रुपए है। इसकी वैधता 30 दिन तक की होती है। इनरलाइन पास लेने के लिए आपके पास पैन काॅर्ड, डाइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट और वोटर आइडी में से एक डाक्यूमेंट होना चाहिए। इसके अलावा आपके पास पासपोर्ट साइज फोटो भी होनी चाहिए।

नागालैंड

इस राज्य आदिवासियों का घर है। यहाँ 16 आदिवासी जनजाति के लोग रहते हैं। सब एक दूसरे से पूरी तरह से अलग। सबका रहन-सहन, खान-पान, भाषा और परंपराएँ पूरी तरह से अलग है। नागालैंड पूर्व में म्यांमार से अपना बाॅर्डर शेयर करता है। यहाँ के लोगों को छोड़कर हर भारतीय व्यक्ति को यहाँ आने के लिए इनरलाइन पास की जरूरत पड़ती है। आप ये परमिट दीमापुर, कोहिमा, नई दिल्ली और कोलकाता के डिप्टी कमिश्नर ऑफिस से ले सकते हैं। इसके अलावा आप इस ये परमिट ऑनलाइन भी ले सकते हैं। इस पास को बनवाने के लिए आपको 100 रुपए लगते हैं।

मिजोरम

ये राज्य बर्फ की वादियों, हरियाली और मैदानी इलाके की खूबसूरती के लिए जाना जाता है। मिजोरम में बहुत सारे आदिवासी रहते हैं। मिजोरम की सीमा दो देशों से जुड़ी हुई हैं, बंग्लादेश और म्यांमार। मिजोरम में एंट्री के लिए आपके पास इनरलाइन पास होना चाहिए। लिअजन ऑफिसर से आपको ये परमिट लेना होगा। जिसे आप कोलकाता, सिलचर, गुवाहटी, शिलांग और नई दिल्ली में ले सकते हैं। अगर आप फ्लाइट से आते हैं तब एयरपोर्ट पर आपको इस परमिट को दिखाना होगा। मिजोरम के लिए दो प्रकार के इनरलाइन पास बनते हैं एक की वैधता 15 दिन तक होती है और दूसरे परमिट की वैधता 6 महीने की होती है। 15 दिन वाले इनरलाइन पास की फीस 120 रुपए और 6 महीने वाले रेगुलर परमिट की फीस 220 रुपए है।

लद्दाख

हर घुमक्कड़ की चाहत होती है लद्दाख जाना। अगर आप के उन इलाकों में जाना चाहते हैं जो जम्मू-कश्मीर से बहुत पास हैं तो इसके लिए आपको इनरलाइन पास लेना पड़ेगा। ये जगह पाकिस्तान और चीन बाॅर्डर के बहुत नजदीक है। लद्दाख में कुछ जगहें ऐसी हैं जहाँ लोगों को आना-जाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। लद्दाख की कुछ जगहों के लिए परमिट लेना पड़ता है जिनमें दाह, हाणू विलेज, पैगोंग लेक, मेराक, न्योमा, खरुदंग ला, नुब्रा वैली और तुरतुक जैसी जगहें शामिल हैं। आप इस परमिट को लेह के डिप्टी कमिश्नर ऑफिस में जाकर ले सकते हैं। इसके अलावा आप इस परमिट को ऑनलाइन भी ले सकते लेकिन आपको इस पर स्टांप लगवाने के लिए डिप्टी कमिश्नर जाना ही पड़ेगा। इस परमिट की फीस 30 रुपए प्रतिदिन है। परमिट के लिए आपके पास एक आईडी प्रूफ, एक फोटो और एक एप्लीकेशन जो लेह-लद्दाख के डिप्टी कमिश्नर के लिए होनी चाहिए।

लक्षद्वीप

लक्षद्वीप एक केन्द्रशासित प्रदेश है। इसके अलावा ये आइलैंड है। संस्कृत में लक्षद्वीप का मतलब है 100 हजार द्वीप। समुद्र की लहरों से टकराना हो, उनकी खूबसूरती देखनी हो तो उसके लिए लक्षद्वीप अच्छी जगह है। मगर इस खूबसूरत और एक अलग दुनिया में जाने के लिए आपको इनरलाइन पास लेना पड़ेगा। इस परमिट को आप ऑनलाइन ले सकते हैं। जिसकी वैधता 5 महीने है और अच्छी बात ये है कि इसके लिए आपको एक भी पैसा नहीं देना पड़ेगा।

सिक्किम

सिक्किम का बाॅर्डर तीन देशों के साथ लगा हुआ है, उत्तर और पूरब में चीन है, भूटान भी पूरब में ही है और पश्चिम में है नेपाल। ऐसा नहीं है ही कि बिना परमिट के आप सिक्किम नहीं आ सकते लेकिन कुछ जगहों पर जाने के लिए परमिट की आवश्यकता पड़ेगा। सिक्किम के लाचुंग, नाथुला, डोंगरी, गोचेला, युमथंग और गुरूडाेंगमर लेक जैसी जगहों पर जाने के लिए परमिट लेना ही पड़ेगा। आप इस परमिट को पर्यटन विभाग से ले सकते हैं। इसके लिए भी आपको कोई पैसा नहीं देना पड़ेगा। सिर्फ आपके पास आइडी प्रूफ और फोटो होनी चाहिए।

मणिपुर

पूर्वोत्तर के इस राज्य के लिए हाल ही में इनरलाइन पास अनिवार्य कर दिया गया है। मणिपुर अपना बाॅर्डर म्यांमार के साथ शेयर करता है। इसलिए अब आप जब भी मणिपुर जाने का सोचें तो परमिट बनवाना न भूलें। आप इस परमिट को मिजोरम सरकार के लियसन ऑफिसर से बनवा सकते हैं। आप इस परमिट को कोलकाता, सिलचर, शिलांग और नई दिल्ली में बनवा सकते हैं। इसके अलावा आप इस परमिट को आईजोल के लेंगपुई एयरपोर्ट पर भी बनवा सकते हैं। इसके अलावा आप ऑनलाइन भी इनरलाइन पास बनवा सकते हैं। इस परमिट की फीस होती है 20 रुपए। मणिपुर के लिए चार प्रकार के परमिट बनते हैं। पहला रेगुलर परमिट जो 6 महीने के लिए होता है, दूसरा स्पेशल परमिट जो तीन महीने के लिए होता है, तीसरा अस्थाई जो 15 दिन के लिए और चौथा लेबर परमिट होता है। आप अपने परमिट को दोबारा रिन्यू भी करा सकते हैं।

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