ज़रा बचके! दिल्ली की इस 'खूनी नदी' में छिपें हैं कई राज़

Tripoto
4th Jul 2019

क्या आपने कभी ऐसी नदी के बारे में सुना है जो बरमूडा ट्राइएंगल जैसी हो? दिल्ली की एक अंधेर कोने में भी कुछ ऐसा ही राज़ छिपा है जिसकी की जानकारी अभी तक आपके पास नहीं हैं। रोहिणी के पास एक ऐसी झील है जिसे भारत के सबसे भूतिया इलाकों में गिना जाता है। खूनी नदी, दिल्ली की माया नगरी में ऐसी ही जगह है जो नाम से ही काफी डरावनी है। सोच कर ही इतना डर लग रहा है, ना जाने वहाँ पहुँच कर क्या होगा। इस जगह के बारे में जानने के लिए आगे पढ़िए।

खूनी नदी की कहानी

Photo of ज़रा बचके! दिल्ली की इस 'खूनी नदी' में छिपें हैं कई राज़ by Shivani Rawat

रोहिणी ज़िले में स्थित, खूनी नदी एक छोटी सी धारा है जो चारों तरफ से पेड़ों से घिरी हुई है और स्थानीय लोगों की सुने तो यहाँ काफी अजीबोगरीब हादसे हो चुके हैं जिसकी वजह से वो इस नदी को भूतीया माना जाता है।

स्थानीय लोगों की माने तो यह नदी हर उस शख्स को अपने अंदर खींचने की कोशिश करती है जो इसके पास जाता है। काफी लोगों ने यहाँ अपनी जान गवाई है, उनमें से काफी खुदखुशी भी थी। कुदरत का करिश्मा यह है कि नदी गहरी भी नहीं है, तभी देखकर ऐसा लगता नहीं कि यहाँ प्रॉब्लम हो सकती है पर असल में सच्चाई कड़वी है। जो लोग यहाँ डूबे, उनकी लाशें आज तक नहीं मिली है। यह सुनकर तो मेरे रौंगटे ही खड़े हो गए।

स्थानीय लोगों को यहाँ से अजीब आवाज़ें भी आती हैं, जैसे कि कोई रो रहा हो। ऐसा लगता है जैसे कि कोई घूर रहा हो, जबकि आप अकेले खड़े हैं। यह काले जादू का असर लगता है जिसने खूनी नदी को हमेशा के लिए श्रापित कर दिया है।

कैसे पहुँचें यहाँ?

Photo of ज़रा बचके! दिल्ली की इस 'खूनी नदी' में छिपें हैं कई राज़ by Shivani Rawat

दिल्ली में होने कि वजह से मेट्रो एक अच्छा विकल्प है वरना आप खुद भी गाड़ी चलाकर यहाँ पहुँच सकते हैं। रोहिणी मेट्रो स्टेशन पर उतरकर आप किसी से भी रास्ता पूछ सकते हैं।

असाधारण और भूतिया कहानियों को काफी लोग पसंद करते हैं। आप में से कई लोग इस गुथी को सुलझाना भी चाहेंगे पर हमारा मशवरा यही है कि अँधेरे में इस जगह पर अकेले ना जाएँ।

क्या सिर्फ यह एक कहानी है या उस से कुछ ज़्यादा? या सिर्फ हमारे ज़हन में बसे डर की एक उपज? आपको क्या लगता है? हमें कॉमेंट्स में लिखकर बताएँ।

क्या आपके पास भी सफर से जुड़ी भूतिया कहानियाँ हैं? तो उन्हें यहाँ लिखकर Tripoto मुसाफिरों के साथ बाँटें।

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