
राजस्थान देश का नही अपितु दुनिया का प्रमुख पर्यटन केन्द्र है। यहां पर्यटन की दुनिया के एक से एक नायाब नगीने मौजूद है । जैसे जयपुर , उदयपुर , जोधपुर , जैसलमेर , पुष्कर , बीकानेर इत्यादि लेकिन और भी काफी सारे शहर यहां काफी प्रसिद्ध है। राजस्थान की अपनी अलग खालिस पहचान है । यहां की सुंदरता, रीति रिवाज, संस्कृती,खान पान, कला ,इतिहास , आव भगत , का पूरी दुनिया में कोई सानी नहीं। उपरोक्त दिए गए शहरो के अलावा भी राजस्थान के कुछ शहर अलग अलग वजहों से दुनिया भर में प्रसिद्ध है
जैसे की एक शहर है कोटा। जिसे भारत भर में शिक्षा नगरी के रूप में ख्याति प्राप्त है । यहां देश भर से बच्चे आते है। इंजीनियरिंग और मेडिकल की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए । लेकिन अब ये शहर अपना चोला बदल रहा है। यहां नई नई जगह बन रही और संवर रही है। कुछ सालो पहले ही यहां वर्ल्डस ऑफ वंडर नाम से एक पार्क भी बना था। लेकिन आज बात एक नई जगह के बारे में करेंगे । कोटा के बीच से निकल कर जाती है ।चंबल नदी और अब इस नदी के किनारों को सजाया और संवारा गया है। और बड़ा ही सुन्दर रिवर फ्रंट विकसित किया गया है
पहले कुछ झलकियां देखिए की कितना सुंदर बन पड़ा है ये



इस प्रॉजेक्ट पर काफी सालो से काम चल रहा था । अब जाकर ये प्रोजेक्ट पूरा हुआ है। आज दिनाँक 13 सितंबर को इसका पूरा विधिवत रूप से उद्घाटन हो चुका है। और ये अब आम जन के लिए खुल चुका है। पूरे रिवर फ्रंट पर काफी सारे नए घाट बनाए गए है। जिन घाटों पर बैठकर आप चंबल नदी की खूबसूरती निहार सकते है। और तो और काफी सारे पार्क भी विकसित किए गए है। जोकि हरियाली से परिपूर्ण है। कुछ सुंदर मूर्तियां भी लगाई गई है जो काफी सजीव प्रतीत होती है।



रात के समय में सब कुछ बिलकुल जादुई महसूस होता है।
जैसा की आप तस्वीरों में भी देख सकते है। और रात में नौका विहार की भी व्यवस्था रहेगी । कहना गलत नही होगा की थोड़ी जगह में ही राजस्थान की पूरी संस्कृती दर्शाने का प्रयास बखूबी किया गया है। रात्रि में लाइटिंग भी बहुत ही अलग तरह की है। जिन्होंने देखा है। वो लोग कह रहे है की सब कुछ बिलकुल अंतरराष्ट्रीय स्तर का लग रहा है।



कोटा शहर अपने आप में अनोखा है ।इसे शिक्षा नगरी तो कहा ही जाता है। लेकिन इसे बिना ट्रैफिक लाइट वाला शहर भी कहा जाता है। जैसा की अपने भूटान के शहर थिम्फू के बारे में सुना होगा । वहा भी कोई ट्रैफिक लाइट नही है। और यातायात व्यवस्था बिना ट्रैफिक लाइट के भी बखूबी चलती है। कोटा शहर में शिक्षा को समर्पित काफी सारे शिक्षण संस्थान तो पहले से ही थे और कही न कही इस शहर की पहचान भी है। लेकिन अब इस शहर की सुंदरता में में चार चांद लगाने के लिए एक और जगह जुड़ गई है। चंबल रिवर फ्रंट। तो अब जब भी आपका जाना कोटा हो । तो आप रिवर फ्रंट पर जाकर कुछ अच्छी यादें अपने लिए सनजो सकते है।
नोट – अभी इसके लिए टिकिट इत्यादि की कोई दरे निर्धारित नही की गई है । हालाकी आने वाले कुछ महीनों में टिकिट की व्यवस्था जरूर होगी।
रात के समय में लेजर शो की भी व्यवस्था की गई हैं।
एक व्यक्तिगत राय – विगत कुछ वर्षों में कोटा में काफी बच्चों ने खुद के लिए आत्मघाती कदम उठाए है। कभी कभी बच्चे खुद की और परिवार की उम्मीदों का बोझ उठाने में सक्षम न होने की स्थिति में ऐसे गलत कदम उठा लेते है ।
अगर आपका भी कोई मित्र या पारिवारिक सदस्य कोटा या ऐसे ही किसी शिक्षण संस्थान में है तो उससे बात कीजिए। समझने की कोशिश कीजिए की बच्चा किसी अवसाद में तो नही है। जिंदगी को लेकर उसके नजरिए को समझने की कोशिश कीजिए । उसे बताइए की कोई भी टेस्ट , परीक्षा, या कुछ और जिंदगी से बड़ा नही है। आपका एक छोटा सा प्रयास किसी की जिंदगी बचा सकता है।


























