उत्तर प्रदेश में भी समुद्रतट है! सुनकर लगा ना झटका?

Tripoto

चुका बीच

जी हाँ | उत्तर प्रदेश में अपना एक बीच है मगर चूँकि यहाँ ज़्यादा सैलानी नहीं जानते, इसलिए ये ज़्यादा मशहूर भी नहीं है | हम बात कर रहें हैं चुका बीच की जो पीलीभीत टाइगर रिज़र्व में शारदा नहर और शारदा सागर बाँध के मध्य में स्थित है |

हालाँकि ये बाकी के बीचों की तरह नहीं है जहाँ आप आराम से रेत पर लेट कर धूप सेक सकते हो | यहाँ दूर तक फैली हुई महीन रेत तो नहीं है मगर पेड़ों के सुंदर समूह है और अभी हाल ही में बनाए हुए ट्री हाउस हैं जहाँ से आप खुले में फैले घने जंगल तो देख ही सकते हो, साथ ही अगर खुशनसीब हो तो जंगली जानवर भी दिख सकते हैं | चूँकि ये टाइगर रिज़र्व में स्थित है इसलिए यहाँ गीदड़, लोमड़ी और बाघ भी देखने को मिल जाते हैं जो अक्सर इस भाग में आते रहते हैं |

घने और सुनसान जंगलों में कुछ किमी की ड्राइव के बाद हम चुका बीच पहुँच जाते हैं | ये हाल ही में पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हुआ है जहाँ पर्यटकों को लुभाने के लिए ढाबे, ट्री हाउस और आस पास कुछ मंदिर बनाए गये हैं | और पिछले कुछ महीनों में इस शानदार और सुंदर जगह पर सैलानियों की बढ़ती आवाजाही देख कर तो यही लगता है कि लुभाने का काम सही तरीके से किया गया है |

चुका बीच कहाँ है?

पीलीभीत कस्बे के बाहरी इलाक़ों में पीलीभीत टाइगर रिज़र्व में चुका बीच स्थित है | ये कस्बा बरेली से मात्र एक घंटे की ड्राइव की दूरी पर भारत-नेपाल सीमा के पास स्थित है जिस वजह से यहाँ की जलवायु और मौसम पर्यटकों के लिए बेहद अनुकूल हैं |

यहाँ करने लायक गतिविधियाँ

अगर प्रकृति की गोद में कुछ दिन बिताना आपके लिए पर्याप्त नहीं है तो भी यहाँ करने के लिए बहुत कुछ है | यहाँ पर्यटन विभाग ने कच्ची झोपडियाँ बनवाई है जिन्हें ट्री हाउस भी कहा जाता है और इनमें रुकने का किराया 1500 रुपये से 4000 रुपये तक है (पहुँचने से पहले इन्हें बुक करने की लिए क्लिक करें) | हालाँकि इन घरों में रात भर रुकने की सलाह नहीं दी जाती, लेकिन अगर आप समूह के साथ हो तो इन झोपड़ियों को किराए पर ले कर कुछ समय सुकून से बिता सकते हैं |

पर्यटन विभाग ने यहाँ के पानी में पेडल नावें भी उतारी हैं जिससे सैलानी नौकायन का मज़ा ले सकें | आप चाहें तो यहाँ की कैंटीन में भी जा सकते हैं |

इसके अलावा इस टाइगर रिसर्व में आप गाइड की सहायता से जंगली जानवरों जैसे बाघ को देखने भी निकल सकते हैं |

भोजन में क्या मिलेगा

अब चूँकि पीलीभीत कस्बा नेपाल की सीमा के पास है , इसलिए यहाँ के आस पास के छोटे मोटे रेस्तराँ में आपको भारतीय, चीनी और कहीं कहीं कुछ भारतीय व पश्चिमी देशों का मिल जुला स्वाद चखने को मिल जाएँगा |

कब जाएँ

गर्मियों में यहाँ खूब गर्मी पड़ती है और मानसून के मौसम में मूसलाधार बरसात होती है| इसलिए यहाँ जाने का सबसे अच्छा समय अक्तूबर से मार्च के महीनों के बीच है जब मौसम एकदम सुहाना रहता है |

कैसे पहुँचे

पीलीभीत आस पास के बड़े शहरों से रेल व बसों के माध्यम से भली भाँति जुड़ा हुआ है | यहाँ पहुँचने के बाद या तो किराए की कार या अपनी खुद की कार से चुका बीच तक बड़ी आसानी से पहुँचा जा सकता है |

हवाई मार्ग से: यहाँ से सबसे करीबी हवाई अड्डा दिल्ली में स्थित है | सड़क मार्ग द्वारा दिल्ली से पीलीभीत 8 घंटे दूर है |

रेल मार्ग से: पीलीभीत रेलवे स्टेशन आस पास के बड़े शहरों जैसे बरेली, रामपुर, नई दिल्ली और लखनऊ से भली भाँति जुड़ा हुआ है | आप पीलीभीत के लिए ट्रेन पकड़ कर यहाँ के स्टेशन पर उतर सकते हैं |

सड़क मार्ग से: आस पास के शहरों से पीलीभीत तक जाने वाली सड़कें काफ़ी अच्छी बनी हुई हैं इसलिए आप खुद ड्राइव करके भी यहाँ पहुँच सकते हैं | अन्यथा आपको पीलीभीत के लिए बस भी मिल जाएगी |

चुका बीच तक कैसे पहुँचे

आप किराए पर टैक्सी कर सकते हैं या चाहे तो चुका बीच तक अपनी खुद की गाड़ी से भी जेया सकते हैं जो पीलीभीत से कुछ ही दूर पीलीभीत टाइगर रिज़र्व के थोड़ा अंदर ही स्थित है | चुका बीच पहुँचने के बाद यहाँ की आस पास की जगहों पर घूमना बड़ा आसान है |

कहाँ रहे

पीलीभीत में रुकने के लिए होटल ग्रैंड शारदा बहुत बढ़िया जगह है जो आप यहाँ से बुक कर सकते हैं | आप बरेली में भी रुक सकते हैं जो पीलीभीत से करीब एक घंटे की दूरी पर है | होटल एलए और कृष्णा रेज़ीडेंसी में भी ठहर सकते हैं | बरेली में और होटलों के बारे में जानने के लिए यहाँ क्लिक करें |

क्या आप चुका बीच पर घूम चुके हैं? क्या आप अपना अनुभव हमारे साथ बाँटना चाहेंगे? अपनी कहानियाँ यहाँ लिखें |

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