Rath Yatra ki Yatra

Tripoto
26th Aug 2022
Day 2

तो बात शुरू होती है तीन महीने पहले जब हम अपने मित्र के चाय पे चर्चा कर रहे थे। वहां भगवान जगन्नाथ जी की बात हुई और तय हुई की चलना है। फिर प्रयागराज से रात्रि की राजधानी पकड़ ली और भुवनेश्वर पहुंच गये और यहां से शुरू होता है पहला अध्याय

जब हम गाड़ी में बैठे तो वहां एक अद्भुत बात देखी की गाड़ी में भी भगवान के पट बंद है कपड़ा लगे। ऐसे भाव देख के मन प्रसन्न हो गया। पुरी पहुंच गए और वहां एक होटल लिए समुंद्र देवता के ठीक सामने , प्रातः काल स्नान करके , तकरीबन  दो किलोमीटर की पद यात्रा कर के , उस भव्य स्थल पे पहुंच गए। यह विहंगम दृश्य देख के मन प्रफुल्लित हो गया। लगा की जीवन सफल है, भगवान के प्रति लोगो की भक्ति भाव , नृत्य , संगीत एक दम मनोहारी दृश्य था।
लोगो की भीड़ इतनी थी एक के उपर थे पर भी सब ठीक था , गर्मी के लिए पानी की बौछार लगातार हो रही थी।
वहां से चल के प्रभु अपने मौसी के घर पहुंच  जाते है।
अगले दिन सुबह वहां सभी की साक्षात दर्शन कर जीवन धन्य हो गया।

यात्रा करने वालो को कुछ सुझाव है , अगर आप रथ यात्रा के समय जा रहे है , पहली बात होटल मंदिर के आस पास जरूर ले।
दूसरी बात अगर आप यहां है तो सूर्य मंदिर कोणार्क जरूर जाए।

जय जगनाथ

Photo of Puri by Madhvendra
Photo of Puri by Madhvendra
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Day 1
Photo of Rath Yatra ki Yatra by Madhvendra
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