शानदार श्रीनगर की सैर, सिर्फ 72 घंटों में

Tripoto

दूर-दूर तक जहाँ भी नज़रें जाएँ वहीं खूबसूरत नज़ारे दिखें | यही ख़ासियत कश्मीर को हर मुसाफिर के सपनों की नगरी बना देती है | अपने आप को यहाँ की शांति और सुरम्यता मे डुबो देने का समय आ गया है क्योंकि आप को सिर्फ तीन दिनों में कश्मीर जैसी जन्नत की सैर जो करवाने वाले हैं | जहाँ हर तरफ खूबसूरती बिखरी हो वहाँ जितना भी समय बिताओ, कम ही लगता है | आपके लिए लेकर आए हैं यात्रा का ऐसा कार्यक्रम जिसमें मात्र 72 घंटों में आप श्रीनगर का भरपूर अनुभव ले सकते हैं और अपने साथ वापिस ले जा सकते हैं कुछ मीठी यादें |

पहला दिन

बुक्स एंड ब्रिक्स कैफ़े

सुबह

9: 00-9: 30 बजे- श्रीनगर अपने कैफ़े संस्कृति के लिए काफ़ी जाना जाता है और यहाँ आने वाले हर सैलानी के पास कैफ़े के कई विकल्प हैं | अपने पहले दिन की शुरुआत करें बुक्स एंड ब्रिक्स कैफ़े से | यह एक आरामदायक और सुहानी जगह है जहाँ किताबों के पन्नों सजे हुए हैं जो इस जगह को एक बार ज़रूर जाने लायक बना देता है | यहाँ जाएँ तो ताज़ा बनी हुई कॉफी का स्वाद ज़रूर चखें |

ज़ैन-उल-अबिदीन की माँ का मकबरा

9: 30-11: 00: पहले दिन हम सभी दर्शनीय स्थलों पर घूमेंगे, इसलिए आइए चलते हैं बादशाह के मक़बरे की ओर जो नाश्ते की जगह से सिर्फ 7 कि.मी. की दूरी पर है | झेलम नदी के तट पर कब्रिस्तान के परिसर में स्थित सुल्तान ज़ैन-उल-अबिदीन की माँ की 15 वीं शताब्दी की कब्र है। मक़बरे की वास्तु कला ज़बरदस्त है, और यहाँ कोई भी मुफ़्त में जा सकता है |

एसपीएस संग्रहालय

सुबह 11:00 - दोपहर 12:30 बजे - मक़बरे से अगला पड़ाव श्री प्रताप सिंह संग्रहालय है जो पिछली जगह से 7 कि.मी. दूर है। इस संग्रहालय में कला, वस्त्र, बर्तन और आभूषणों का विशाल संग्रह हैं। संग्रहालय में तब्दील होने से पहले यह उस समय के राजाओं के लिए गर्मियों के मौसम का महल हुआ करता था | महाराजा प्रताप सिंह ने संग्रहालय में हस्तशिल्प और कलाकृतियों के संग्रह में काफ़ी योगदान दिया है। संग्रहालय सुबह 10 से शाम 5 बजे तक खुला रहता है और सोमवार को बंद रहता है।

दोपहर

मुगल दरबार बेकरी एंड रेस्टोरेंट ग्राउंड फ्लोर

दोपहर 12: 30-1: 30 बजे: श्रीनगर के दो सबसे अच्छे ऐतिहासिक स्थलों के दौरे के बाद एक छोटा सा ब्रेक लेंगे और मुगल दरबार बेकरी एंड रेस्टोरेंट में लंच करेंगे | यह रेस्तराँ अपने कश्मीरी व्यंजनों के लिए मशहूर है और इसमें कुछ ही शाकाहारी विकल्प हैं। मुग़ल दरबार रेस्तराँ वाज़वान के लिए जाना जाता है, जो कश्मीरी भोजन का अभिन्न अंग है जिसमें कई तरह के व्यंजन सम्मिलित होते हैं | वो सभी मेहमान जो पारंपरिक वाज़वान का आनंद लेना चाहते हैं उनके लिए विशेष रूप से कालीन पर बैठने की जगह उपलब्ध है |

Photo of शानदार श्रीनगर की सैर, सिर्फ 72 घंटों में 2/4 by लफंगा परिंदा
स्त्रोत : कश्मीरहिल्स

जामा मस्जिद

1:30 - 3:00 बजे - अब आइए चलते हैं 15वीं शताब्दी में बनी जामा मस्जिद की ओर जो रेस्तराँ से केवल 3 कि.मी. की दूरी पर  है | जामा मस्जिद श्रीनगर के बिल्कुल बीचों बीच बना हुआ है | इस सदियों पुरानी संरचना में फारसी शैली की वास्तुकला दर्शाती तीन मीनारें हैं। यह ऐतिहासिक स्थल आप को पुराने समय में वापिस ले जाएगा क्योंकि अलग-अलग समय में विभिन्न शासकों द्वारा इसमें कई जोड़-तोड़ किए हैं।

निशात बाग

3: 00-5: 00 बजे: जामा मस्जिद के दौरे के बाद निशात बाग और शालीमार बाग की यात्रा करें। निशात बाग मस्जिद से 12 कि.मी. दूर है और डल झील के पूर्वी हिस्से में स्थित है। टेरेस गार्डन की खूबसूरती का श्रेय मुगल तहज़ीब की बराबरी में करने वाली बागवानी को दे सकते हैं | यहाँ की वास्तुकला में 12 छतें बनी हुई हैं और हर छत एक अलग ही राशि चक्र का प्रतीक है | इस बगीचे को एशिया का दूसरा सबसे बड़ा मुग़ल बगीचा कहा जाता है और अगर आप श्रीनगर जाएँ तो इस बगीचे में ज़रूर घूमने की सलाह देंगे |

शाम

डल झील

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5:30 बजे: मक़बरे से 2 कि.मी. दूर ही डल झील में शिकारे की सवारी करें और सूर्यास्त की खूबसूरती निहारें | शिकारा की सवारी का एक व्यक्ति का खर्च करीब 150 रुपये से 250 रुपये तक आता है | पर्यटकों के लिए तो दल लेक एक लोकप्रिय आकर्षण है ही साथ ही यह झील व्यावसायिक तौर पर भी महत्वपूर्ण है | डल झील की सतह पर बहुत सारे फ्लोटिंग गार्डन और हाउसबोट तैरते रहते हैं और यही इस झील को श्रीनगर का सबसे आकर्षक हिस्सा बना देती है |

दूसरा दिन

सुबह

14थ एवेन्यू कैफ़े एंड ग्रिल

आज के रोमांच भरे दिन की शुरुआत करेंगे 14थ एवेन्यू कैफ़े एंड ग्रिल में भरपेट नाश्ते के साथ | श्रीनगर के इस रेस्तराँ में भी नाश्ते के कई विकल्प मौजूद हैं | यह यूरोपियन तर्ज़ पर बना रेस्तराँ है जहाँ से नदी का बेहद सुंदर नज़ारा दिखता है | इस रेस्तराँ को यहाँ के बहू-व्यंजन विकल्पों के लिए जाना जाता है | यहाँ का शीरमाल (पफ पेस्ट्री) और नून चाय (गुलाबी रंग की कश्मीरी चाय) ज़रूर चखें |

गुलमर्ग

10: 00-12: 00: एक दिन के लिए गुलमर्ग की ओर प्रस्थान करें और जाते ही गोन्दोला केबल कार में चढ़ जाएँ ताकि सिर्फ एक दिन में ही गुलमर्ग के दर्शन कर सकें | गुलमर्ग श्रीनगर शहर से लगभग 51 कि.मी.  दूर है और शहर तक पहुँचने में लगभग 2 घंटे लगते हैं। यह भारत मे होने वाले शीतकालीन खेलों के लिए काफ़ी मशहूर है | आपको यहाँ दिन मस्ती से बिताने के लिए काफ़ी विकल्प आसानी से मिल जाएँगे |

दोपहर

कोन्गदूरी

12: 00-5: 00 बजे: दुनिया के सबसे ऊँचे गोन्दोला से आस-पास के बर्फ से ढके पहाड़ों का नज़ारा लें | यह राइड दो चरणों में पूरी होती है - एक गुलमर्ग से कोंडूरी तक 3,080 मीटर की दूरी पर और दूसरा कोंडूरी से अपर्वत छोटी तक जो समुद्र तल से 4,200 मीटर ऊपर है। हर राइड 15 से 20 मिनट लंबी होती है लेकिन सैलानियों से भरे व्यस्त समय पर आप को कुछ देर अपनी बारी के लिए इंतज़ार करना पड़ सकता है | जो लोग स्की करना चाहते हैं, उन्हें कोंगोरोजी से मेरीज़ तक चेयर लिफ्ट द्वारा जाना होगा | केबल राइड्स सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक होती है। सभी प्रकार की राइड्स की लागत 300 रुपये से 800 रुपये तक होती है और टिकट काउंटर दोपहर 3 बजे बंद हो जाता है।

5:00 - 7:00 बजे - श्रीनगर जाने के लिए गुलमर्ग को अलविदा कर दें | श्रीनगर पहुँचने में दो घंटे और लगेंगे।

शाम

पोलो व्यू रोड

7:00 - 9:00 बजे - मशहूर कश्मीरी हस्तशिल्प और पश्मीना रेशम की चीज़ों की खरीदारी का मज़ा लें | खूब सारी खरीदारी के अनुभव के लिए पोलो व्यू मार्केट और कोकर बाजार का दौरा करें। ड्राई फ्रूट्स और मसालों से लेकर पेपर मेश उत्पादों तक श्रीनगर में सबकुछ मिलता है।

सुबह

तीसरा दिन

गुडफेलाज़: भोजन

9: 00-10: 00 बजे: इस शहर में आख़िरी बार नाश्ता करने के लिए गुडफेलाज़ कैफ़े की ओर जाएँ | यह छोटा सा कलात्मक कैफ़े कई तरह के ओपन माइक कार्यक्रमों का आयोजन करता रहता है और इन कार्यक्रमों में कश्मीरी छटा देखने को मिलती है | इस जगह पर कई प्रकार की ख़ास चाय और बहुत तरह के नाश्ते के विकल्प भी हैं।

अस्तानमर्ग

10:00-1: 00 बजे: नाश्ते के बाद अस्तानमर्ग हरवन के लिए निकलें जो श्रीनगर की वो जगह है जहाँ से पैराग्लाइडिंग के लिए कूद मारी जाती है | गुडफेलाज़ कैफे से 18 कि.मी. की दूरी पर हरवान 2,250 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और पूरी घाटी का एक दिल छूने वाला नज़ारा पेश करता है। पैराग्लाइडिंग के रोमांचक अनुभव का आनंद लें और पूरे क्षेत्र का नज़ारा देखें | 

सेब के बाग

Photo of शानदार श्रीनगर की सैर, सिर्फ 72 घंटों में 4/4 by लफंगा परिंदा
स्त्रोत : केसरी टूर्स

1: 00-2: 30 बजे: मुख्य शहर को छोड़ें और शहर के अन्य भागों में  मौजूद सेब के बागों की सैर के लिए निकल पड़ें | श्रीनगर यहाँ उगने वाले सेबों के लिए मशहूर है | कहते हैं कि देश में बिकने वाले 80 प्रतिशत सेब श्रीनगर से ही आते हैं |

अहदूस रेस्तराँ

2: 30-3: 00 बजे: दोपहर का खाना करने के लिए क़ाहसमीर की घाटी में बने सबसे पहले रेस्तराँ अहदू की ओर चलते हैं | यह रेस्तराँ 1918 में बना था और इसे कश्मीरी व्यंजन पकाने में महारत हासिल है | यह रेस्तरां लकड़ी की नक्काशी से बना हुआ है| अंदर से तो रेस्तराँ पुराने समय की याद दिलाता है मगर सभी प्रकार की आधुनिक सुख सुविधाएँ भी यहाँ मिलती हैं | रेस्तराँ में मुग़लई और भारतीय भोजन परोसा जाता है | यहाँ की सेवैया चखना ना भूलें |

वुलर झील

3:00-9:00 बजे: हमारा अगला पड़ाव वुलर झील है जो रेस्तराँ से 60कि.मी. की दूरी पर है। झील तक पहुँचने में लगभग दो घंटे लगेंगे मगर यात्रा में लगाया ये समय बेकार नहीं जाएगा | इस झील पर बेहतरीन दृश्य का मज़ा तो मिलता ही है साथ ही ये मछली पकड़ने के लिए भी काफ़ी अच्छी जगह है | पक्षियों को निहारने वालों को यहाँ बहुत मज़ा आएगा | इस जगह पर कोक्लास फासन, यूरेशियन स्पैरोवॉक और कई अन्य अनोखे पक्षियों की प्रजाति देखी जा सकती है |

डल झील

रात9:00- सुबह 9:00 बजे: कश्मीरी हाउसबोट पर एक रात बिताएँ जो डल झील पर खुले रूप से तैरती है। सवेरे आँखें खोलेंगे तो दर्शन होंगे एक शानदार सूर्योदय के और इसी के साथ अपने अगले सफर के लिए तैयार हो जाएँ |

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