दार्जीलिंग की भीड़-भाड़ से दूर भारत के सबसे ऊँचे रेलवे स्टेशन घूम में बिताएँ छुट्टियाँ

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क्या आपको छुट्टियां बिताने के लिए किसी शांत और सुन्दर जगह की तलाश है? अगर आपने दार्जीलिंग अपनी छुट्टियों के लिए चुना है तो फिर सोच लीजिये। दार्जीलिंग के पास स्तिथ घूम वो जगह हो सकती है जहाँ आप अपनी छुट्टियां शान्ति से बिता सकते हैं। अक्सर देखा गया है की पिछले कुछ सालों में दार्जीलिंग में पर्यटकों की बढ़ती भीड़ के कारण लोग दार्जीलिंग से दूर घूम में अपनी छुट्टियां बिताना ज्यादा पसंद करते हैं।

घूम के बारे लोग इसलिए भी जानते हैं क्यूंकि 7407 फ़ीट पर स्तिथ यह भारत का सबसे ऊँचा रेलवे स्टेशन है। विश्व प्रसिद्ध 'द दार्जीलिंग हिमालयन रेलवे' की स्थापना 1879 में राखी गयी जब इस पहाड़ी इलाके में पहली बार ट्रैन की पटरियां बिछी। यह रेलगाड़ी 1881 तक घूम स्टेशन पहुंच गयी थी। अगर आप आज भी सिलीगुड़ी या दार्जीलिंग से घूम की यह ट्रैन लेंगे तो आपको वर्षों पुराना असाधारण तकनीकी कौशल का नमूना देखने को मिल सकता है।

दार्जीलिंग से 7 किलोमीटर दूर इस छोटे से शहर घूम में सोचा जाए तो दार्जीलिंग और इस पूरे इलाके का इतिहास बसा है। भारत के इतिहास में दार्जीलिंग ने अहम पृष्ठ लिखे हैं। यहाँ आने वाले लोगों को बस भारत के इतिहास के बारे में ही नहीं पर प्रकृति की असीम सुंदरता के बारे में भी बताता है घूम। दार्जीलिंग से घूम जाने वाली रोड को वर्षों पहले हिल कार्ट रोड का नाम दिया गया था। इस रोड से आज भी दार्जीलिंग, घूम और सिलीगुड़ी जुड़े हुए हैं और आज भी यह छोटी से रेल लाइन स्थानीय लोगों के संपर्क के लिए उतनी ही ज़रूरी है जितनी वर्षों पहले थी।

Photo of Ghoom, West Bengal, India by Kabira Speaking

घूम में होटल्स और होमस्टेस के विकल्प।

पूरे सिक्किम और दार्जीलिंग में आपको होमस्टेस की भरमार मिलेगी। यहाँ के स्थानीय लोगों को यहाँ आये यात्रियों का सत्कार करना सच में बहुत पसंद है शायद इसी कारण यहाँ इतने सारे होमस्टेस उभर कर आये हैं। रहने के लिए आपको घूम मोनेस्ट्री में भी जगह मिल जाएगी पर इसके बारे में आप मोनेस्ट्री पहुंचने के बाद ही पूछ-ताछ कर सकते हैं। घूम में भी काफी ऐसे होमस्टे हैं जहाँ आप ठहर सकते हैं। कुछ नाम है: कंचन कन्या होमस्टे, समबोंग टी एस्टेट और नेस्ले होमस्टे। अगर आपको इंटरनेट में होटल्स की अच्छी डील्स न मिलें तो आप घूम पहुंच कर भी इन होमस्टेस को देख सकते हैं जो की काफी सस्ते में आपको मिल सकते हैं।

Photo of दार्जीलिंग की भीड़-भाड़ से दूर भारत के सबसे ऊँचे रेलवे स्टेशन घूम में बिताएँ छुट्टियाँ by Kabira Speaking

क्या देखें घूम में?

अगर आप दार्जीलिंग से घूम तक दार्जीलिंग हिमालयन रेलवे में सफर करते हैं तो आपको रास्ते में बतासिया लूप दिखेगा। बतासिया लूप असल में ट्रैन की पटरियों का एक सुन्दर घुमावदार मोड़ है जहाँ से आपको सामने की हिमालय की बर्फ से भरी चोटियां साफ़ साफ़ दिखेंगी। पहाड़ों की सीधी चढाई से बचने के लिए ने इन घुमावदार पटरियों का निर्माण 1919 में किया और इस लूप को आज भी तकनीकी कौशल का एक अभूतपूर्व नमूना मानते हैं। आज के समय में यहाँ पर गोरखा रेजिमेंट का एक मेमोरियल भी है। यह मेमोरियल उन सभी गोरखा जवानों को समर्पित है जिन्होंने आज़ादी की लड़ाई में अपनी जान गवाई।

Photo of Batasia Loop, West Point, Darjeeling, West Bengal by Kabira Speaking

यहाँ आने वाले ज्यादातर लोग इस मोनेस्ट्री को घूम मोनेस्ट्री के नाम से जानते हैं पर इस मोनेस्ट्री का असली नाम है योगा चोलिंग गोम्पा। यह मोनेस्ट्री घूम रेलवे स्टेशन से बस 700 मीटर की दूरी पर है। घूम मोनेस्ट्री का निर्माण 1875 में लामा शराब ग्यात्सो ने करवाया और यहाँ पर दूर दूर से लोग यहाँ स्तिथ मैत्रेय बुद्धा की प्रतिमा देखने आते हैं। घूम में स्तिथ 4 मोनस्टरईस में से यह सबसे बड़ी मोनेस्ट्री है। बाकी ३ मोनेस्ट्री हैं समतेन चोलिंग, सक्या चोलिंग और फिन।

Photo of Ghoom Monastery (Samten Choeling), Ghoom, Darjeeling, West Bengal, India by Kabira Speaking

यह अनोखा म्यूजियम घूम रेलवे स्टेशन के साथ ही है। अपनी तरह का यह पहला म्यूजियम पिछले २०० सालों में घूम रेलवे स्टेशन के इतिहास के बारे में बताता है। यहाँ आपको 1883 के रेलवे टिकट्स भी देखने को मिलेंगे। इनमें से कुछ टिकट ऐसे भी हैं जिनका मूल्य Rs 0.66 है। साथ ही वो सबसे पुरानी मशीनें भी देखने को मिलेंगी जो इस पहाड़ी इलाके तक स्टीम इंजन पहुंचने में मददगार रही। आपको पुरानी फोटोग्राफ्स भी देखने को मिल सकती है जो दर्शाती हैं की किस प्रकार पिछले २०० सालों में इस जगह की इतिहास बदला।

Photo of Ghoom Railway Museum, Sukhia Pokhri Road, Darjeeling, West Bengal, India by Kabira Speaking
Photo of Ghoom Railway Museum, Sukhia Pokhri Road, Darjeeling, West Bengal, India by Kabira Speaking
Photo of Ghoom Railway Museum, Sukhia Pokhri Road, Darjeeling, West Bengal, India by Kabira Speaking

घूम से करीब 1100फ़ीट और ऊपर स्तिथ है टाइगर हिल।टाइगर हिल जाना जाता है इस चोटी से दिखने वाले घाटी के सुन्दर नज़रों के लिए। दार्जीलिंग की सैर के साथ साथ टाइगर हिल से आपको कंचनजंगा पर्वत के भी दर्शन हो जायेंगे। सच पूछें तो दिन साफ़ जब हो तो यहाँ से माउंट एवेरेस्ट भी देखा जा सकता है। पर घूम में साफ़ मौसम कम ही देखने को मिलता है। यहाँ ज्यादातर घने बदल छाए रहते हैं और यही दार्जीलिंग के पास स्तिथ इस छोटे से शहर की खूबसूरती है।

Photo of Tiger Hill, West Bengal by Kabira Speaking

सेंचल झील एक कृत्रिम जलाशय है जो की दार्जीलिंग की एक पुरानी वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी में स्तिथ है। यह सैंक्चुअरी घूम से लगभग ३ किलोमीटर की दूरी पर है। आप यहाँ पहुंचने के किये ओल्ड मिलिट्री रोड ले सकते हैं जो की घूम और जोरेबंगलो को जोड़ती है। झील में सैर करने के लिए आपको एक टिकट भी लेना होगा। यह टिकट जोरेबंगलो स्तिथ रेंजर ऑफिस से लिया जा सकता है। बरसात के मौसम में ज्यादातर यह सैंक्चुअरी बंद रहती है और 15 सितम्बर के बाद खुलती है। अगर आप का इस झील और सैंक्चुअरी घूमने का प्लान हो तो आप इस सैंक्चुअरी के अंदर स्तिथ फारेस्ट रेस्ट हाउस में भी ठहर सकते हैं। यात्रियों के रहने के लिए यह एक बढ़िया जगह है। अगर यहाँ कमरे उपलब्ध हों तो आपको Rs १००० प्रतिदिन में मिल सकते हैं। यहाँ रूम्स बुक करने के लिए आप वाइल्डलाइफ डिवीज़न ऑफ़ दार्जीलिंग को भी संपर्क कर सकते हैं। फ़ोन नंबर:(0354) 2257314

Photo of Senchal Lake, West Bengal by Kabira Speaking

घूम में खाने की जगहें।

घूम अपने स्ट्रीट फ़ूड के लिए काफी मशहूर है। यहाँ ज्यादातर खाने की जगहें स्थानीय लोगों द्वारा चलायी जाने वाली छोटी दुकानें हैं। यहाँ कुछ प्रसिद्ध रेस्टोरेंट्स भी हैं जिन्हें पिछले कुछ सालों में यात्रियों के बीच काफी ख्याति मिली है। इनमें से कुछ हैं: कैपिटल रेस्टोरेंट (घूम मोनेस्ट्री से .३ किलोमीटर दूर, गले'स रेस्टोरेंट (घूम मोनेस्ट्री से .६ किलोमीटर दूर) और घराना (घूम मोनेस्ट्री से .7 किलोमीटर दूर) घूम से 7 किलोमीटर दूर दार्जीलिंग में आपको अच्छे रेस्टोरेंट्स के और भी विकल्प मिल जायेंगे। दार्जीलिंग के कुछ प्रसिद्ध रेस्टोरेंट्स के नाम इस प्रकार से हैं: ग्लेनरी'स, टॉम एंड जेरी'स, फ्रैंक रॉड कैफ़े, हिमालयन जावा कॉफ़ी शॉप और शांगरी-ला।

Photo of दार्जीलिंग की भीड़-भाड़ से दूर भारत के सबसे ऊँचे रेलवे स्टेशन घूम में बिताएँ छुट्टियाँ by Kabira Speaking

अगर आप अपनी अगली छुट्टियों के लिए दार्जीलिंग जाने की योजना बना रहे हैं तो ध्यान रहे की दार्जीलिंग से कुछ ही दूरी पर यह छोटी सी जगह आपका इंतज़ार कर रही है। घूम में आपको एक अनोखी पहाड़ों की शान्ति मिलेगी। घूम आज भी दार्जीलिंग के विकास में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्त्व रखता है।

अगर आपने घूम में छुट्टियां बितायी हैं तो आप अपने सफर की कहानिया Tripoto में साझा करें और अन्य यात्रियों की मदद करें।

यहाँ प्रयोग में लायी सभी फोटोग्राफ्स अखिल वर्मा द्वारा ली गयी हैं।

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