असम में बसा ये द्वीप है भारत के उत्तर पूर्व का खज़ाना

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Photo of असम में बसा ये द्वीप है भारत के उत्तर पूर्व का खज़ाना by Rupesh Kumar Jha

वैसे तो भारत का पूरा उत्तर पूर्वी इलाका ही देश के प्राकृतिक खज़ाने में एक बड़ा नगीना है, लेकिन इस इलाके में भी कई ऐसे मोती छिपे हैं, जिनकी खूबसूरती देखकर आँखें चौंधिया जाती हैं। ऐसा ही एक नगीना है माजुली। माजुली असम के ब्रम्हपुत्र नदी पर तैरता एक ताज़ा पानी का द्वीप है। माजुली का निकटतम शहर जोरहाट है। यह भारतीय उपमहाद्वीप में सबसे बड़ा नदी द्वीप माना जाता है। ब्रह्मपुत्र नदी के बीच स्थित माजुली प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग की तरह है! ब्रह्मपुत्र नदी के बहते पानी के बीच घने पेड़ों और जीवों के साथ शांतिपूर्ण समय बिताने के लिए ये एक बेहतरीन अनुभव देने वाला ट्रिप हो सकता है।

Photo of माजुली द्वीप, Assam by Rupesh Kumar Jha

माजुली कई जनजातियों का निवास स्थान है, जो कि बहुत ही सरल और स्थायी जीवन जीते हैं। आप जनजातियों के साथ समय बिता सकते हैं, उनके जीवन के तौर-तरीकों को समझ सकते हैं और उनकी दैनिक गतिविधियों में भी शामिल हो सकते हैं।  माजुली में वैष्णव संप्रदाय की संस्कृति का अनुभव कर उन लोगों से जुड़ने का मौका बिल्कुल ना चूँकें। असमिया संस्कृति वास्तव में रंगीन है और आप निश्चित रूप से वहाँ से बहुत कुछ सीखेंगे और आनंद लेंगे।

आप बर्ड-वॉचिंग के आनंद में भी समय बिता सकते हैं, क्योंकि द्वीप पक्षियों के लिए एक महत्वपूर्ण निवास स्थान है। सुरम्य शांत ये द्वीप सभी फोटोग्राफरों के लिए एक सुंदर चित्र प्रस्तुत करता है। सैकड़ों प्रवासी पक्षी, विभिन्न प्रकार के वनस्पति और जीव, संस्कृति, त्योहार और कई अन्य चीजें माजुली को देखने के लिए एक दिलचस्प जगह बनाते हैं।

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द्वीप पर प्रकृति की छाँव में रहने के साथ ही कुछ और गतिविधियाँ की जा सकती हैं। यहाँ हमने उसे एक लिस्ट में पेश किया है। इसके माध्यम से आप एक-एक कर सभी अनुभवों को ले सकते हैं और अपनी यात्रा को यादगार बना सकते हैं।

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माजुली में क्या करें

- ब्रह्मपुत्र नदी में नाव की सवारी

- पानी के खेल - कायाकिंग, पैरासेलिंग आदि

- असमिया संस्कृति की जानकारी

- स्थानीय जनजातियों से बातचीत

- आदिवासी झोपड़ी में रहने का अनुभव

- साइकिल से द्वीप भ्रमण

- बर्ड-वाचिंग - दुर्लभ और रंगीन प्रजातियाँ

- मछली पकड़ने का अनुभव

- मिट्टी के बर्तन और मुखौटा बनाना

- दिन के अंत में डूबते सूरज को निहारना

- स्थानीय व्यंजन और अपोंग (चावल से बनी पारंपरिक बीयर)

माजुली द्वीप शांत और प्रदूषण मुक्त वातावरण के लिए जाना जाता है। ये द्वीप विशाल नदी में ना केवल डूबा हुआ है बल्कि सैलानियों को भी शुद्ध हवा में साँस लेने की पेशकश करता है।

अगर आप उत्तर पूर्व की सुंदरता का अनुभव करना चाहते हैं, तो माजुली द्वीप को अपनी लिस्ट में ज़रूर शामिल करें। 

माजुली कैसे पहुँचे

माजुली द्वीप गुवाहाटी से लगभग 200 कि.मी. और जोरहाट से 20 कि.मी. दूर है। कोई भी बस, ऑटो रिक्शा या किराए की टैक्सी से निमाती घाट जा सकते हैं, जहाँ से नाव की सवारी आपको मिल जाएगी। माजुली द्वीप (कमलाबाड़ी घाट) और निमाती घाट के बीच फेरी  सुबह 8 बजे, 10 बजे, दोपहर 1 बजे और 3 बजे चलती है। बता दें कि निमाती घाट से माजुली के लिए अंतिम नाव शाम 4 बजे चलती है। डाउनस्ट्रीम में ये दूरी 1:30 घंटे में तय की जाती है।

माजुली द्वीप (कमलाबाड़ी घाट) और निमाती घाट के बीच फेरी सेवा का विवरण नीचे भी देख सकते हैं

फेरी की टाइमिंग: 8:00 AM, 10:00 AM, 1:00 PM, 3:00 PM

निमाती घाट से माजुली के लिए अंतिम नाव: शाम 4:00 बजे

निमाती घाट से माजुली तक की अवधि: 1:30 घंटे (नीचे जाते वक्त)

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