भानगढ़ की अद्भुत कहानी

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Credits: Swati Jain

Photo of भानगढ़ की अद्भुत कहानी by Mohit Gosain

भानगढ़ किला जाना जाता है भारत की सबसे प्रेतवाधित (भूतिया) जगह के नाम से। वैसे भी अलौकिक होने की वजह से काफी लोगों का ध्यान जाता है इस जगह पर और भानगढ़ इसको बढ़िया तरीके से निभाता भी है। यहाँ की भूतिया कहानियों की वजह से भानगढ़ काफी टूरिस्ट्स का नया ठिकाना बन गया है।

जिज्ञासु यात्री यहाँ मज़े मारने के लिए आते हैं, कुछ निराश लौट जाते हैं तो कुछ इन कहानियों और रहस्य में खो जाते हैं। अगर आप भी उन यात्रियों में से एक हैं तो खुद आकर भानगढ़ देखना एक अच्छा विचार है।

इमेज क्रेडिट्स: हुकुम नेगी

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क्या भानगढ़ किला प्रेतवाधित है?

ज़्यादातर लोग यह मानते हैं कि भानगढ़ प्रेतवाधित है और लाखों मशहूर क़िस्से हैं भानगढ़ के रहस्य के। श्याम को किले में जाना बहादुरी और बेवकूफी का काम है और आर्केलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया ने रात को यहाँ जाना बैन भी किया हुआ है।

स्थानीय लोगों कि मन पसंद कहानी है राजा माधो सिंह की जिन्होंने गुरु बालू नाथ की सहमति से यह शहर खड़ा किया था। शर्त यह थी की महल की छाया उनके प्राथना स्थान पर नहीं पड़नी चाहिए।

अगर ऐसा हुआ तो प्रलय आजायेगी। जब निर्माण पूरा हुआ तो छाया पड़ी और भानगढ़ उसी समय तहस नहस हो गया। दोबारा फिर कभी नहीं खड़ा हो पाया। हैरानी की बात यह है की भालू नाथ का मकबरा अभी भी खण्डर में मिल जायेगा।

इमेज क्रेडिट्स: शाहनवाज़ सिड

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भूतिया भानगढ़ की एक और गाथा

यह कहानी है राजकुमारी रत्नावती की। उनकी खूबसूरती की तारीफ समुन्द्र पार की जाती थी, अलग अलग राज्यों में। जब वो 18 बरस की हुई तो काफी लोगों ने उनका हाथ माँगा। इन सब लोगों में एक जादूगर सिन्घीआ भी था जिसे पता था कि वो रत्नावती के लायक नहीं है। पर उसने राजकुमारी को अपने जादू के जाल में फंसाने का सोचा।

उसने रत्नावती कि दासी को बाजार में देखा और उस तेल पर जादू कर दिया जो वो खरीद रही थी। उसने सोचा कि रत्नावती तेल को छूते ही अपने आप को जादगुर के हवाले कर देगी। पर उसकी चोरी पकड़ी गयी, रत्नवती ने तेल ज़मीन पर फेंक दिया जिसने चट्टान बनकर जादगुर को रौंद दिया।

मरने से पहले सिंघिआ ने भानगढ़ को श्राप दिया जिसकी वजह से वहाँ कभी पून: जनम नहीं हुआ। और तो और अजबगढ़ और भानगढ़ के युद्ध में रत्नावती की मृत्यु भी हो गयी। स्थानीय लोग अभी भी मानते हैं की रत्नवती किसी और रूप में आएँगी और भानगढ़ के श्राप का अंत करेंगी।

वैसे तो वैज्ञानिकों ने भानगढ़ की कहानियों को ख़ारिज किया है पर गाओं वाले अभी भी इसे भूतिया मानते हैं। लोगों ने आवाज़ें सुनी हैं जिसका कोई अता पता नहीं। लोकल्स के हिसाब से उन्होंने एक औरत को रोते चिल्लाते, चूड़ियां तोड़ते सुना है और किले से अजीब से संगीत कि आवाज़ें भी। परछाइयों के साथ साथ किले से अजीब से गंध भी आती है लोकल्स को। कुछ लोगों को लगता है कि यहाँ कोई उनका पीछा कर रहा है तो कुछ को पीछे से थप्पड़ भी लगा है। इसीलिए सूर्यास्त के बाद दरवाज़ों पर ताला लग जाता है और एंट्री बिलकुल बैन है रात को किले में। क्या यह कहानियाँ मनघंड़त है या असल? कोई कुछ कह नहीं सकता शायद।

इमेज क्रेडिट्स: शाहनवाज़ सिड

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भानगढ़ और आसपास कैसे पहुँचे

रोड से: भानगढ़, दिल्ली से 300 किलोमीटर कि दूरी पर है। अगर आप सुबह दिल्ली से निकलेंगे तो श्याम तक भानगढ़ किला आराम से देख लेंगे। आपको गाड़ी रेंट पे लेनी चाहिए जो आपको नीमराना, जयपुर, सरिस्का, अलवर भी घुमा दे। 10000 से 15000 रूपए में आपका ट्रिप हो जाना चाहिए।

ट्रैन से: दिल्ली से अलवर तक आप शताब्दी भी ले सकते हैं और फिर वहां से किले तक के लिए टैक्सी। ट्रैन बुकिंग एडवांस में करवानी पड़ेगी और याद रखियेगा कि भानगढ़ में होटल व् रेस्टोरेंट्स नहीं हैं। वैसे तो आपको रास्ते में ढाबे मिलेंगे पर अपना खाना पैक करके चलने में समझदारी है।

भानगढ़ की टाइमिंग्स

किला खुला है सुबह 6 से श्याम 6 बजे तक।

भानगढ़ जाने का सबसे अच्छा समय

अक्टूबर से फरवरी तक जब मौसम थोड़ा ठंडा होता है एक अच्छा समय है किले जाने का।

भानगढ़ किले के पास खूबसूरत जगह

1 - सरिस्का नेशनल पार्क: जिनको वन्य जीवन से प्यार है उनके लिए सरिस्का नेशनल पार्क और टाइगर रिज़र्व जो भानगढ़ किले से 40 किलोमीटर दूर है एक आदर्श जगह है। जंगलों के बीच साम्बर, बन्दर, सियार और मोर जैसे जानवर पाए जाते हैं। टाइगर नज़र आने के लिए आपका दिन बहुत ही शुभ होना चाहिए।

2 - जयपुर: जयपुर दुनिया के सबसे प्यारे शहरों में से एक है क्योंकि वो इंडिया को बहुत ही करीब से दर्शाता है। राजस्थान कि राजधानी किले से 85 किलोमीटर दूर है और यहाँ पर शॉपिंग करने के बहुत ऑप्शन हैं। ऑटो रिक्शा से लेकर ऊँट तक आप किसी भी चीज़ कि सवारी कर सकते हैं। जयपुर ज़िन्दगी का उत्सव है।

3 - अलवर: राजस्थान के सबसे पूर्व राज्यों में से एक, अलवर एक छुपा हुआ नगीना है। किले और महलों कि यहाँ कमी नहीं। अगर आप शोरगुल से दूर कहीं रहना चाहते हो तो अलवर एक अच्छी जगह है। भानगढ़ से यह 90 किलोमीटर दूर है।

4 - नीमराना: ज़्यादातर लोग यहाँ पर नीमराना महल जाते हैं जो लक्ज़री रिसोर्ट है। इंडस्ट्रियल हब होने के साथ, इस ऐतिहासिक नगरी का जादू अभी भी बरक़रार है। भानगढ़ से 150 किलोमीटर स्थित है नीमराना।

इमेज क्रेडिट्स: अर्चित रतन

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भानगढ़ किले के पास खाने की बढ़िया जगह

1 - प्रेम पवित्र भोजनालय (अलवर): साफ़ सुथरा शाकाहारी खाना जो लज़ीज़ और सस्ता दोनों है।

2 - टपरी (जयपुर): जयपुर ही नहीं पूरे इंडिया में मशहूर है टपरी जहाँ चाय के साथ साथ कुछ मज़ेदार चटपटे स्नैक्स मिलते हैं।

क्या आप भानगढ़ गए हैं? आपने कुछ भूतिया महसूस किया? अपनी यात्रा अनुभव के बारे में Tripoto पर लिखिए

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