चूलिया फ़ॉल: राजस्थान की अदभुत सुंदरता में चार चांद, ये नहीं देखा तो क्या देखा!

Tripoto
30th Dec 2020
Photo of चूलिया फ़ॉल: राजस्थान की अदभुत सुंदरता में चार चांद, ये नहीं देखा तो क्या देखा! by Smita Yadav
Day 1

जब भी ट्रेवलिंग का ज़िक्र होता है तो ज़ेहेन में हमेशा पोप्युलर टूरिस्ट डेस्टिनेशन ही आती हैं। लेकिन विश्व भर में ऐसी कई जगह हैं जो बेहद खूबसूरत हैं लेकिन बहुत कम लोगों को उन जगहों के बारे में पता है। भारत में ऐसी जगहों की भरमार है। अगर एक्सप्लोर किया जाये तो काफ़ी मनमोहक दृश्य देखने को मिलेंगे। और मैं भी ऐसी ही बेहतरीन जगहों की तलाश में लगी रहती हूं। मेरी हर यात्रा में हमेशा एक नई जगह की तलाश मुझे किसी ना किसी बेहतरीन जगह पहुंचा ही देती हैं। रंगीले राजस्थान के बारे में तो सब जानते हैं। अपनी जन्म भूमि के बाद अगर कोई जगह है जिससे मैं खुद को जुड़ा हुआ महसूस करती हूं वो है राजस्थान! राजस्थान का एक अपना ही समृद्ध और रंगीन इतिहास है जिसकी वजह से यह भारत के लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में शुमार है। इस राज्य के इतिहास की गवाही यहां के क़िले, महल और इमारतें बखूबी देते हैं जिन्हें देखने के लिये साल भर पर्यटक देश-विदेश से यहां आते हैं। राजस्थान की संस्कृति, यहां का खान-पान, यहां का पहनावा, नृत्य और गीत सब अपने आप में खास हैं जो हर किसी को अपनी ओर खींचता है। लेकिन क़िलों, महलों और रेगिस्तान वाले इस राज्य में बहुत से ऐसे स्थान हैं जो अब तक आपकी नज़रों से बचे हुए हैं। हाड़ा राजाओं की राजधानी कोटा वैसे तो देश में कोचिंग सेंटर्स के लिये जानी जाती है, लेकिन चम्बल नदी और उसके किनारे बने बेह्द खूबसूरत प्राकृतिक स्थान भी कोटा को अलग पहचान देते हैं। चम्बल की बेहद मनमोहक वादियां और उनमें बनी पत्थर की प्राकृतिक कृतियां आपको अपनी ओर निश्चित ही आकर्षित करेंगी।

कोटा से करीब 50 किलोलोमीटर की दूरी पर स्थित है बेहद खूबसूरत रावतभाटा! रावतभाटा अणु नगरी के नाम से भी जाना जाता है। इस शहर में कुल आठ परमाणु ऊर्जा केंद्र हैं वैसे तो यह अणु नगरी है लेकिन यहां के मनमोहक दृश्य इसे एक खूबसूरत पर्यटन स्थल भी बनाते हैं। यह पर्यटक स्थल दूसरे पर्यटक स्थलों से काफ़ी अलग है। यहां न तो भीड़भाड़ है, न शोर शराबा है और न ही प्रदूषण है। इस स्थान पर आप जितनी दूर तक अपनी नज़र दौड़एंगे आपको सिर्फ़ और सिर्फ़ आंखों और मन को सुकून पहुचने वाले नज़ारे दिखेंगे। यहां हर तरफ़ हरियाली, ताज़ी हवा, फूलों की खुश्बू, पंछियों की चेहचहाहट और शांत वातावरण मिलेगा। जिसे देखकर आपके मन को काफ़ी सुकून का अनुभव प्राप्त होगा। जो कि एक घुम्मकड़ी के लिए सबसे खास हैं।

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यहीं से करीब साढ़े तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है चूलिया फ़ॉल! यहां का मनमोहक नज़ारा आपका दिल जीत लेगा। यह जगह बरसात में और भी खूबसूरत हो जाती है। राजस्थान में चम्बल नदी पर बने राणा प्रताप सागर बांध के रास्ते में मौजूद यह झरना राजस्थान के मुख्य झरनों में से एक है। राणा प्रताप सागर बांध के डाउन स्ट्रीम में लगभग 1.6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह झरना ज़मीन से काफी नीचे है और बड़ी-बड़ी चट्टानों से घिरा हुआ है। इन ऊंची नीची पथरीली आकृतियों को देख कर आप निश्चित ही अचम्भे में पड़ जायेंगे। यह जलप्रपात अपनी सुंदरता से पर्यट्कों का मन मोह लेता है। बारिशों में यह नज़ारा और भी खूबसूरत हो जाता है। झरने से गिरते पानी की आवाज़, चेहचहाते हुए पक्षी और आसपास की प्राकृतिक सुंदरता आपको एक अद्भुत अनुभव देंगे। जब विद्युत उत्पादन के लिये राणा प्रताप सागर बांध से पानी छोड़ा जाता है तो चूलिया जलप्रपात का जलस्तर बढ़ जाता है। अधिक्तर पर्यटक उस समय यहां आना पसंद करते हैं। रावातभाटा और उसके आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिये यह पसंदीदा जगहों में से एक है।

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चम्बल नदी जहां आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिये जीवनदायिनी है वहीं यह नदी कई मगरमच्छों का घर भी है। सर्दियों के मौसम में ये सभी मगरमच्छ धूप लेने के लिये बाहर आ जाते हैं। मगरमच्छों को देखने के लिये भी लोग यहां बड़े उत्साह के साथ आते हैं।

यहां के अद्भुत नज़ारे जितने खूबसूरत हैं वो थोड़ी सी भी असावधानी के कारण उतने ही खतरनाक भी साबित हो सकते हैं। पानी के कारण यहां के पत्थर थोड़े चिकने हो जाते हैं और कहीं कहीं काई भी जमी होती है जिस कारण वहां फिसलने का डर रहता है। इसलिए इस जगह की सुंदरता का लुत्फ़ उठाते वक्त इस बात को आवश्यक रूप से ध्यान रखें।

यहां घूमने किस मौसम में जाएं:

वैसे तो रावतभाटा घूमने के लिये जुलाई से जनवरी का मौसम अच्छा है लेकिन मॉनसून का समय यहां आने के लिये उत्तम है। मॉनसून में यहां के पेड़-पौधे और भी हरे हो जाते हैं और झरने भी और खूबसूरत लगते हैं। यहां मगरमच्छों को देखने के रोमांच के लिये सर्दियों का समय बेस्ट है।

कैसे पहुंचे:

रावतभाटा पहुंचने के लिये बेहतर है पहले कोटा पहुंचा जाये जो कि यहां से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर है। कोटा रेलवे स्टेशन लगभग सभी बड़े रेलवे स्टेशन से जुड़ा हुआ है। कोटा से रावतभाटा के लिये आप बाइक किराये पर ले सकते हैं या कैब कर सकते हैं। आप कोटा से यहां स्टेट बस के ज़रिये भी आ सकते हैं। रावातभाटा एक छोटा सा शहर है इसलिये यहां दूसरे बड़े शहरों की तरह पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा नही है इसलिये बेहतर होगा अगर कोटा से ही सब बंदोबस्त किया जाये। ताकि यात्रा में कोई असुविधा ना हो।

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