कुमाऊँ के पहाड़ों से दोस्ती करनी है तो कौसानी के करीब इस ट्रेक पर निकल पड़ो!

Tripoto

किसी ट्रेक पर जाने के दो मक़सद होते हैं। पहला तो सुन्दर सुन्दर नज़ारों के बीच घुमक्कड़ी करना और दूसरा, शान्ति खोजना। एक भी चीज़ ना मिले तो ट्रेक का क्या मतलब। ऐसी ढेरों जगहें हैं जहाँ ये दोनों भरपूर से भी ज़्यादा हैं। एक मुसाफ़िर की नज़रों से देखोगे तो जानोगे कि बुद्ध पिनाथ का नया नवेला ट्रेक भी इन उम्मीदों पर खरा उतरता है। यह ट्रेक उत्तराखंड के कौसानी में पड़ता है।

प्राकृतिक ख़ूबसूरती के बीच बसे कौसानी में पैसे का ज़ोर इतना नहीं कि यहाँ की प्राकृतिक सुन्दरता पर कोई असर पड़े। देवदार के घने फैले हुए पहाड़ और उनके बीच में ही खिलते लैवेंडर के फूल आपको कई झरने से रूबरू कराते हैं। कान्तली, जो कि मोटरगाड़ियों का आख़िरी स्टॉप है, से पिनाथ टॉप की ट्रेकिंग शुरू होती है। पिनाथ टॉप पर भगवान शिव का मंदिर भी स्थित है। मंदिर से कुछ आगे चलने पर सामने पहाड़ों का जो दर्शन होता है, उसके आगे सब कुछ फ़ेल है।

उत्तराखंड टूर पैकेज की जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें।

इस ट्रेक में कुछ ऐसी चीज़ें भी हैं जो इसे दूसरों से अलग बनाती हैं। जैसे कि इस ट्रेक पर आपको गुफाएँ भी मिलेंगी और रुद्रधरी झरने का उफनता हुआ प्रवाह देखकर सिर्फ आपकी नज़रे ही नहीं, ब्लिक दिल भी खुश हो जाएगा और जो शान्ति मिलती है, वो अलग। वैसे तो जितना मन करे, उतनी देर, लेकिन लगभग 6-7 घंटे में यह ट्रेक पूरा हो जाता है। ट्रेक की कठिनाई का स्तर भी ज़्यादा नहीं है, सामान्य कपड़ों के साथ यह ट्रेक पूरा किया जा सकता है, बस कुछ गर्म कपड़े ज़रूर साथ रखें।

चूँकि ये ट्रेक पैसों की चकाचौंध से दूर है, इसलिए कुछ एकाध दिक्कतों का भी सामना करना पड़ेगा। जैसे आपको पूरे ट्रेक में एक भी दुकान नहीं मिलेगी। सारा खाने का सामान साथ लेकर चलना पड़ेगा।

किसके लिए बेस्ट है ये ट्रेक?

ट्रेकिंग और हाइकिंग के शौक़ीनों के लिए, जिनको इस दुनिया की भीड़ भरी ज़िन्दगी से कुछ पल निकाल के दूर चले जाना है; पिनाथ उनको तो पक्का पसन्द आने वाला है। लोग, जिन्हें दूसरे समाज की संस्कृति को जानना समझना पसन्द है, गाँव की ज़िन्दगी रास आती है जिन्हें, और देसी लोगों के साथ समय बिताना, लफ़्फ़ाजी करना ख़ूब भाता है, ज़िन्दगी का रस जानते हैं जो, उनके लिए भी यह जगह परफ़ेक्ट है।

कैसे पहुँचें?

बुद्ध पिनाथ पहुँचने के लिए कौसानी का टिकट कटाओ। कोसानी से 10 किमी0 दूर पड़ता है कान्तली, जो कि पिनाथ की ट्रेकिंग का स्टार्टिंग पॉइंट है। कान्तली तक ही आपकी बाइक पहुँच सकती है।

अब बताता हूँ कसौनी कैसे पहुँच सकते हो-

हवाई मार्गः सबसे नज़दीकी हवाई अड्डा पन्तनगर (107 किमी0) है। दिल्ली और देहरादून से आपको फ़्लाइट्स मिल जाएँगी। यहाँ से आप टैक्सी पकड़ो और कौसानी आ जाओ।

रेल मार्गः काठगोदाम (140 किमी0) सबसे पास है। यहाँ से कौसानी के लिए शेयर कैब या टैक्सी चलती हैं।

सड़क मार्गः दिल्ली, देहरादून, लखनऊ से भी अल्मोड़ा के लिए बसें चलती हैं। अल्मोड़ा से आपको कैब, टैक्सी, जीप या प्राइवेट बसें मिल जाएँगी। अल्मोड़ा से कौसानी पहुँचने में क़रीब दो घंटे का समय लगेगा।

कहाँ ठहरें

बजट ट्रैवलर्स के लिएः

आरामपसन्द लोगों के लिएः

इसके साथ ही ढेर सारे नॉन कमर्शियल होमस्टे यहाँ मौजूद हैं जो आपको सीधा पिनाथ पहुँचकर ही मिलेंगे।

वीकेंड के ट्रिप को बेहतरीन और यादगार बनाने के लिए, शान्ति की आस में बौद्ध पिनाथ के इस ट्रेक को अपनी बकेट लिस्ट में ज़रूर शामिल करें।

कैसा लगा आपको यह आर्टिकल, हमें कमेंट बॉक्स में बताएँ। उत्तराखंड टूर की बुकिंग के लिए यहाँ क्लिक करें।

अपनी यात्राओं के अनुभव को Tripoto मुसाफिरों के साथ बाँटने के लिए यहाँ क्लिक करें।

रोज़ाना वॉट्सऐप पर यात्रा की प्रेरणा के लिए 9319591229 पर HI लिखकर भेजें या यहाँ क्लिक करें

यह एक अनुवादित आर्टिकल है। ओरिजिनल आर्टिकल पढ़ने के लिए क्लिक करें।