
यात्रा के लिए किसी को भी यह सोचकर परेशान नहीं होना चाहिए कि हमारा सफर कैसा होगा, सिर्फ यात्रा करने का साहस और उत्साह चाहिए। हमने भी अपनी यात्रा के लिए कोई प्लानिंग नहीं की थी और यह उम्मीद से बेहतर निकली।

भारत के नक्शे से नीचे की ओर जाएँ तो एक ऐसा छोटा सा पहाड़ी इलाका अंकित है जिसकी ओर शायद हमने कभी ध्यान ही नहीं दिया। हरा भरा शांत वातावरण, लहराते हुए पेड़ों से घिरे घास के मैदान, मनमोहक घाटियों के बीच नदियों और झरनों के गीत और चारों ओर घने जंगल ! प्रकृति का ऐसा भरपूर दृश्य और कहाँ हो सकता था । हम बात कर रहे हैं, पचमढ़ी की । देश के सबसे हरे शहरों में से एक, भोपाल से लगभग 200 किमी दूर, सतपुड़ा की पहाड़ियों के बीच बसा प्रकृति का एक बेशकीमती रत्न है, पचमढ़ी।
पचमढ़ी में साल भर मौसम अच्छा रहता है और यह जगह प्रकृति, संस्कृति और विरासत का एक अद्भुत मिश्रण है। यहाँ की चीज़ों में एक विशेष विविधता है।
कौन है जो एक मोहक सूर्यास्त के नज़ारे का आनंद नहीं लेता, फिर चाहे वो प्रेमी हों या प्रकृति प्रेमी। और पंचमढ़ी में सूर्यास्त देखने का सबसे श्रेष्ठ स्थान धूपगढ़ है, जो कि पचमढ़ी से करीब 9 - 10 कि.मी. की दूरी पर है। धूपगढ़ पचमढ़ी की नहीं बल्कि पूरे मध्य प्रदेश की सबसे ऊँची पहाड़ी है। वहाँ पहुँचकर मानों मेरी थकी आँखों को राहत मिल गयी । सनसेट और सनराइज के लिए प्रसिद्ध, इसे धूपगढ़ी की चोटी के नाम से भी जाना जाता है।
5 कि.मी. की दूरी पर, पचमढ़ी में घूमने की शुरुआत हमने पांडवों की गुफ़ाओं से की जो एक अनोखे इतिहास को बयान करती हैं। एक छोटी पहाड़ी पर ये पाँचो गुफाएँ हैं। वैसे इन्हें बौद्धकालीन गुफाएँ भी कहा जाता है।
यहाँ की मान्यताओं के अनुसार पांडवों ने अपने अज्ञातवास का कुछ काल यहाँ बिताया था और यहाँ उनकी पाँच कुटिया, या मढ़ी या पाँच गुफाएँ थीं जिसके नाम पर इस स्थान का नाम पचमढ़ी पड़ा है। ऐतिहासिक और आध्यात्मिक तथ्यों से जुड़ा यह स्थान हर साल हज़ारों पर्यटकों को आकर्षित करता है। इन गुफ़ाओं की संरचना उबड़ खाबड़ है जिनकी सुंदरता को यहाँ पर बनाए गए एक उद्यान ने और भी ज्यादा बढ़ा दिया है।
पांडव गुफाओं से थोड़ी दूर, हमने बी-फॉल का दौरा किया। यह 150 फीट की ऊँचाई से टेढ़ी-मेढ़ी चट्टानों से संकरी धारा का एक झरना था। इसका नाम बी फॉल्स इसलिए पड़ा है क्योंकि पहाड़ी से गिरते समय यह झरना बिलकुल मधुमक्खी की तरह दिखता है। हालांकि उसके नीचे नहाने के लिए लगी लोगों की भीड़ देखकर मन थोड़ा निराश हो गया था। लेकिन प्रकृति के सौंदर्य की प्रशंसा जितनी भी की जाए उतनी ही कम है। ऐसी यात्राएँ उत्सुकता और उत्साह के साथ अक्सर होती रहनी चाहिएं। पचमढ़ी प्राकृतिक जड़ी बूटियों से संपन्न प्रदेश है। एक बात का ध्यान रखें कि यह एक कैंटोनमेंट क्षेत्र है और यहॉँ के जँगलों में जाने के लिए आपको गाइड लेना जरूरी है।































