मुन्नार के हरे रंग में खोने के लिए काफी हैं 2 दिन, ऐसे करें अपना ट्रिप प्लान !

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Photo of मुन्नार के हरे रंग में खोने के लिए काफी हैं 2 दिन, ऐसे करें अपना ट्रिप प्लान ! by Rupesh Kumar Jha

भगवान का अपना देश, केरल, दुनिया भर में प्रसिद्ध है। चाय बागानों और पहाड़ी जलवायु के कारण मुन्नार को 'दार्जिलिंग ऑफ केरल' भी कहा जा सकता है। हालांकि यहाँ कंचनजंगा की चोटी नहीं है, लेकिन कॉफी बागान इसकी कमी को पूरा कर देते हैं। मुन्नार में हर किसी के लिए कुछ ना कुछ है, चाहे वह बच्चे हों या हनीमून मनाने वाले। केरल के इड्डुक्की जिले में समुद्र तल से 1600 मीटर ऊपर स्थित मुन्नार अजीब और खतरनाक जानवरों का घर भी है।

यदि आपके पास भी केवल दो दिन हैं, तो 48 घंटे में मुन्नार घूमने के इस परफेक्ट गाइड को जरूर फॉलो करें!

सरवना भवन, मुन्नार

सुबह 8 बजे - सरवाना भवन (मुन्नार मार्केट, नलतन्नी, मुन्नार, केरल 685612) में नाश्ता करके अपने दिन की शुरुआत करें। यह सुबह 7.30 बजे से रात 9.30 बजे तक खुला रहता है। यहाँ आप केले के पत्तों पर पारंपरिक दक्षिण भारतीय व्यंजन का आनंद ले सकते हैं। यहाँ भोजन स्वादिष्ट है और कीमत भी सस्ती है। डोसा लें और अपने पेट को पूरी तरह भरें क्योंकि दोपहर के भोजन से पहले आपको बहुत सारी जगहों पर जाना है!

अपने होटल के मैनेजर से बात करें कि वह कार और ड्राइवर की व्यवस्था करवा दें। ये कार आपको पहले दिन फोर-पॉइन्ट-टूर और टाटा टी म्यूजियम के साथ दूसरे दिन एराविकुलम और मरयूर ले जाएगी। पूरे मुन्नार शहर में दुकानों के साथ बहुत सारे ट्रैवल एजेंसी आउटलेट भी हैं, इसलिए आपके पास विकल्पों की कमी नहीं होगी।

मट्टुपेट्टी डैम

सुबह 9 बजे - मट्टुपेट्टी बांध इड्डुक्की जिले में सबसे महत्वपूर्ण बांधों में से एक है और इसका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर बिजली उत्पादन के लिए किया जाता है। मट्टुपेट्टी बांध द्वारा बनाई गई झील के नीले पानी को देखकर आप खुश हो जाएँगे। झील घने जंगलों वाली पश्चिमी घाट की पहाड़ियों से घिरी हुई है। झील के चारों ओर कई प्रकार के सामान व खाने-पीने की दुकान मौजूद हैं। झील पर नाव की सवारी जैसी गतिविधियों का आनंद लिया जा सकता है।

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एको पॉइंट

सुबह 10 बजे - जैसा कि नाम से ही पता चलता है, यह एक ऐसी जगह है जहाँ आप जोर से चिल्लाते हैं और थोड़ी देर बाद आपकी आवाज़ वापस गूँजती है। इको पॉइंट में एक झील है जिसके किनारे घनी लकड़ी की पहाड़ियाँ हैं। यहाँ आने वाले लोग झील के किनारे पर खड़े होकर चिल्लाना पसंद करते हैं। विश्वास करें, ये वाकई अच्छा फील कराता है। इस जगह की खूबसूरती देखते ही बनती है। झील के ऊपर आसमान में नीचे से गुज़रते बादल पर बनती आकृतियाँ आपको रोमांचित करती है।

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एको पॉइंट

कुंडला झील

सुबह 10.30 बजे - अगर आप प्रकृति प्रेमी हैं, तो मुझे यकीन है कि सभी झीलों में से आपको यह सबसे अच्छा लगेगा। झील में एक अलग प्रकार की शांति है। लेकसाइड में ऊँचे नीलगिरी के पेड़ इसकी शोभा बढ़ा रहे हैं। झील हरियाली से घिरी हुई है और यहाँ आपको कई तरह के पक्षी देखने को मिल सकती हैं। बोटिंग और घुड़सवारी ऐसी दो गतिविधियाँ हैं जो कुंडला झील के तट पर आपको आनंदित कर देती हैं।

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टॉप स्टेशन

सुबह 11.30 बजे - टॉप स्टेशन वह जगह है जहाँ सड़कें खत्म होती हैं और यह वास्तव में 'टॉप' पर है। कार को एक जगह के बाद रोकना होगा और वहाँ से पैदल ही आगे तक पहुँचना होगा। टॉप स्टेशन से पैदल दूरी पर ही 360 डिग्री व्यू मिलता है। ऐसे सुंदर जगहों को निहारते हुए कॉफी पीने का आनंद लें। पक्षियों के कलरव से बनते गीत के साथ-साथ पश्चिमी घाट के उमड़ते-घुमड़ते बादल आपके कविमन को जगा देता है और आप बस कुछ यूँ ही गुनगुनाने लगते हैं।

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रैप्सी रेस्तरां, मुन्नार

दोपहर 1.30 बजे - टॉप स्टेशन को निहारने के बाद मुन्नार शहर में वापस जाएँ, और इस रेस्तरां में पहुँचें। यहाँ आपको अक्सर विदेशी पर्यटक देखने को मिल जाते हैं। मांसाहारियों के लिए तो ये बेहद सही ठिकाना है लेकिन शाकाहारी लोगों के लिए भी कई ऑप्शन हैं।

दोपहर 3 बजे - बिना चाय बागान टहले मुन्नार छोड़कर जाना कतई ठीक नहीं है। मुन्नार का कन्नन देवन हिल्स जहाँ टाटा टी का बागान है। मीडिया की दुनिया में अंडरपेड प्लांटेशन की खबर जब से मीडिया में आई है, इसकी लोकप्रियता घट गई है। यहाँ आने पर आप चाय कारखाने का दौरा कर सकते हैं जहाँ पत्तियों से चायपत्ती तैयार की जाती है। यहाँ आपको प्रोजेक्टर पर एक शॉर्ट फिल्म भी दिखाई जाती है, जो कि बताता है कि टाटा बागान श्रमिकों की कितनी अच्छी देखभाल करता है। फोटोग्राफी के लिए यहाँ आपको पैसे देने पड़ते हैं। प्लांटेशन शाम 4 बजे खत्म होता है।

Photo of कन्नन देवाण हिल्स, Kerala, India by Rupesh Kumar Jha

कुछ होममेड चॉकलेट और मसाले

शाम 4.30 बजे से 6 बजे - मुन्नार शहर में वापस आएँ और गलियों, बाज़ारों से होकर गुजरें। मुन्नार की लगभग सभी दुकानें 'होममेड चॉकलेट' बेचती हैं। ये कई तरह के स्वाद वाली होती हैं, जो कि बादाम, काजू और किशमिश से बने होते हैं। मुन्नार में पाए जाने वाले इन अनोखे चॉकलेट को खुद चखें और घर के लिए भी पैक करा लें। वहीं यहाँ पर कई मसालों के कलेक्शन को भी ज़रूर चेक कर लें।

मुन्नार जल्दी ही सो जाता है, डिनर लेकर आप भी जल्द सो जाएँ ताकि अगले दिन घूमने के लिए तरोताजा रहें।

Day 2

सुबह 8 से दोपहर 12 बजे - मुन्नार के इस सबसे लोकप्रिय जगह को देखने जाने से पहले नाश्ता कर लें और लंच पैक करवा कर साथ में रख लें। एराविकुलम नेशनल पार्क को मुन्नार का मुख्य आकर्षण माना जाता है। यह लुप्तप्राय नीलगिरि तहर का घर है। यहाँ से आप मुन्नार के चाय बागानों के शानदार दृश्यों को निहार सकते हैं। बरसात के मौसम में यह जगह एकदम हरी-भरी हो जाती है, जैसे धरती ने हरी चादर ओढ़ ली हो। यूँ तो पार्क सुबह 7.30 बजे से शाम 4 बजे तक खुला रहता है, लेकिन भीड़ से बचने के लिए सुबह में ही यात्रा करने की सलाह दी जाती है। जब सीजन रहता है तो टिकट काउंटर पर भयानक लम्बी कतारें देखने को मिलती हैं। हालांकि अब टिकट ऑनलाइन भी उपलब्ध हैं। मुन्नार के टूरिस्ट इन्फॉर्मेशन सेंटर में एक आरक्षण काउंटर भी है, जहाँ कोई व्यक्ति ₹50 एक्सट्रा देकर टिकट ले सकता है, ये एक्सट्रा फीस भीड़ से बचने के लिए ली जाती है। इस विशाल पार्क को पूरी तरह देखने के लिए आपका फिट होना ज़रूरी है। पश्चिमी घाट की सबसे ऊँची चोटी अनाइमुडी चोटी पर चढ़ने की कोशिश ज़रूर करें।

मरयूर

दोपहर 2 से 3 बजे - गाड़ी में पैक लंच खाएँ क्योंकि गाड़ी अपने अगले पड़ाव तक पहुँचने के निकलने वाली है। मरयूर अपने चंदन के पेड़, रॉक पेंटिंग और एक विशेष प्रकार के मकबरे के लिए प्रसिद्ध है जिसे डोलमेन कहा जाता है। एराविकुलम नेशनल पार्क से नजदीक होने के कारण यहाँ कई जानवर देखे जा सकते हैं।

Photo of एराविकुलम राष्ट्रीय उद्यान, Kerala, India by Rupesh Kumar Jha

कार्मेल चर्च

शाम 4 बजे - वापस मुन्नार पहुँचकर शहर के बीच स्थित कार्मेल चर्च जरूर देखने जाएँ। यहां आपको हलचल से दूर बेहतरीन शांति देखने को मिलेगी जिसे आप महसूस करें।

Photo of मुन्नार के हरे रंग में खोने के लिए काफी हैं 2 दिन, ऐसे करें अपना ट्रिप प्लान ! by Rupesh Kumar Jha

अगर आप मुन्नार में कुछ दिन और रुकने की योजना बना रहे हैं, तो इन बातों का जरूर ध्यान रखें।

यहाँ आप इन चीजों का भी लुत्फ़ उठा सकते हैं:

1. चिनार वन्यजीव अभयारण्य देखने जाएँ

2. सलीम अली पक्षी अभयारण्य होकर आएँ

3. नेचर वॉक का आनंद लें

4. एक मोटरसाइकिल किराए पर लें और इस सुरम्य शहर का चक्कर लगाने निकलें।

खाने का आनंद लें

यहाँ ज्यादातर खाना साउथ इंडियन ही मिलता हैं। बेकरी स्वादिष्ट केक और बेक्ड पकवान मुहैया कराते हैं। अगर आप नॉनवेज खाते हैं तो मछली और मीट आसानी से मिल जाएँगे। चलते-फिरते आप कॉफ़ी को एनर्जी ड्रिंक की तरह ले सकते हैं।

कब जाएँ मुन्नार

यहाँ जाने के लिए सर्दियों का महीना (नवंबर- फरवरी) सबसे ठीक होता है। खासकर दिसंबर और जनवरी में यहाँ पर्यटकों की भीड़ लगी होती है। वैसे मार्च से मई के गर्मियों में भी लोग यहाँ आने से बाज़ नहीं आते! मॉनसून सीजन (जून- सितंबर) में लोग यहाँ नहीं आना चाहते हैं लेकिन अगर हरियाली का आनंद लेना हो तो ये समय मुफीद होता है। अब लोग बरसात के समय भी मुन्नार आने की योजना बनाते पाए जाते हैं।

कैसे घूमें शहर

ऑटो रिक्शा मुन्नार शहर में कहीं भी आने-जाने का बेहतरीन जरिया है।

कहाँ ठहरें

चैंड़ीज़ विंडी वुड्स

आकाश में तैरते भयंकर बादलों और चहकते हुए पक्षियों के बीच ये एक आकर्षक जगह है। चैंडीज़ विंडी वुड्स प्रकृति की गोद में एक बेहतरीन जगह है। यहाँ ठहरने के लिए कमरे ₹13000 से शुरू होते हैं।

एम्मल ड्वेलिंग्स

एम्मल ड्वेलिंग्स जेब के लिए एकदम ठीक है। यहाँ ठहरने के लिए एक रात के ₹2000 लगते हैं। यहाँ से शहर में कहीं भी पहुँचना एकदम आसान है।

क्या आप कभी मुन्नार गए हैं? आपका अनुभव कैसा रहा? क्या मैंने किसी अहम बात को इस पोस्ट में मिस किया? क्या आप इस बारे में अपनी राय रखना चाहते हैं? तो फिर एकदम संकोच ना करें और अपनी बात रखें!

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