खंडालाः मुंबई का वो खूबसूरत हिल स्टेशन, जहाँ से लौटने का मन नहीं करेगा!

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Photo of खंडालाः मुंबई का वो खूबसूरत हिल स्टेशन, जहाँ से लौटने का मन नहीं करेगा! by Rishabh Dev

मुंबई सपनों की नगरी। कहा जाता है कि मुंबई कभी नहीं सोता है, ये हमेशा चलता ही रहता है। लेकिन मुंबई के लोगों की शिकायत रहती है कि उनके लिए वीकेंड पर घूमने के लिए कोई जगह ही नहीं है। मैं भी कुछ ऐसा ही सोचता था लेकिन अब ऐसा नहीं है। मुंबई के पास एक ऐसी जगह है जहाँ सुंदर-सुंदर घाटियाँ, घास के मैदान, पहाड़ और खूबसूरत झरने हैं। अब बताओ मुंबई वालों तुमको और क्या चाहिए? जब तुम्हारे पास खूबसूरत खंडाला है।

आती क्या खंडाला?

मेरा साल में कई बार मुंबई आना-जाना होता रहता है। मुंबई मेरे ख्याल और जेहन में हमेशा चकाचौंध करने वाला शहर रहा है जहाँ बड़ी-बड़ी इमारतें हैं और बहुत लंबा ट्रैफिक है। यहाँ आया तो मैंने लोगों को चलते नहीं, भागते हुए देखा। तब समझ आया कि ये शहर कभी रूकता क्यों नहीं है? यहाँ किसी के पास दूसरे के लिए अपने लिए टाइम नहीं है। तब लगा कि ये शहर तो बहुत बड़ा है लेकिन इसकी खूबसूरती कहीं गुम-सी है। इतना बड़ा शहर बहुत कम में हर बार सिमटता रहा है।

मगर हाल ही में जब मुंबई जाने का मौका मिला, तो मेरे पास टाइम बहुत था। तब मुंबई को देखने का मन था। समंदर और ऊँची-ऊँची इमारतों से घिरी मुंबई जैसे बाँहे फैलाकर वेलकम कर रही थी। इन दोनों के इतर मैंने मुंबई की असल खूबसूरती को देखा। इस सुंदरता की दो बाँहे हैं, जिसके एक तरफ खंडाला है और दूसरी तरफ लोनावाला। मैंने मुंबई की उसी खूबसूरती को अपनी बाँहों में भर लिया। तब मैं चल पड़ा मुंबई के खंडाला और लोनावाला की सैर पर।

खूबसूरती की सैर

मुंबई से तीन घंटे की सैर करके आप खंडाला पहुँच सकते हैं। रास्ता बेहद बदलाव भरा और खूबसूरत है। शुरुआती रास्ता आम रास्तों की तरह ही था। हम मुंबई की ऊँची-ऊँची इमारतों को देखते हुए, समंदर को निहारते हुए सफर का मज़ा ले रहे थे। मेरे साथ मुंबई के ही कुछ दोस्त थे, जो यहाँ के बारे में बता रहे थे। ये बातें मज़ेदार भी थी और हम बोर भी नहीं रहे थे। हालांकि ये कभी नहीं सोचा था कि ये सफर इतना रोमांचक होगा। जहाँ हम जा रहे हैं उसे देखकर हम खुश हो उठेंगे। रास्ते में जैसे-जैसे आगे बढ़ रहे थे, दोनों तरफ पहाड़ियाँ दिखने लगी थीं।

खूबसूरती अब सिर्फ रास्तों में ही नहीं, हमारे चेहरों में भी दिखने लगी थी। हम कई बार अंधेरी गुफाओं से निकलकर रोशनी में आ रहे थे। ये सुंदरता और रोमांच की शुरुआत थी। इसके बाद जो नज़ारे देखने को मिले, वो बेहद हैरान करने वाले थे। सड़क के दोनों तरफ हरी-हरी हरियाली, पहाड़ और बहुत ऊँचाई से गिरने वाले झरने। उस नज़ारे के बारे में सोचकर ही मन अपने आप ही खिल उठता है। सचमुच वो नज़ारा वो बहुत प्यारा था। एक बार तो ऐसा लगा कि ये प्रकृति का रूप नहीं, बल्कि इस खूबसूरती को बड़े करीने से उकेरा गया होगा।

सुकून भरी जगह

इतनी खूबसूरती को एक साथ अपनी आँखों से देखना हैरान करने वाला तो था ही, हज़म करना भी मुश्किल था। तब मैं यही सोच रहा था कि सच में इतनी खूबसूरती होती है क्या? मुंबई की भीड़भाड़ से निकलकर जैसे ही आप खंडाला पहुँचते हैं, आँखों को भी एक गजब का सुकून को मिलता है और मन को गहराई तक छूने वाली शांति अभिभूत कर देती है। खंडाला पहुँचते-पहुँचते बारिश भी शुरू हो गई थी। हम इस बार किसी भागदौड़ के मूड में नहीं थे। बारिश से भीगने की चिंता भी नहीं करनी थी। रेन कोट और छाता दोनों का इंतजाम मेरे पास था। कांदा भाजी, भुट्टे की चाट और चाय पीते हुए खंडाला का सफर कुछ इस तरह खूबसूरत बनता रहा कि शब्दों में बयां करना मुश्किल लगता है।

खंडाला में किले हैं, झील हैं, गुफाएँ हैं। यहाँ को मनोरम और सुनहरा नज़ारा ही खंडाला और लोनावाला को पैसा वसूल ट्रिप बनाते हैं। खंडाला बहुत छोटा-सा हिल स्टेशन है। इसके आगे ही पाँच किलोमीटर की दूरी पर है, लोनावाला। दोनों का नाम अलग लिया जाता है, मगर दोनों एक ही जैसे हैं- हरियाली से भरपूर। जिन्हें हमेशा एडवेंचर की तलाश रहती है, वो यहाँ आकर ट्रेकिंग भी कर सकते हैं। पर हम जैसों को तो सुकून की तलाश रहती है और इसके लिए खंडाला अच्छी जगह है।

इतिहास के नज़र से

खंडाला के बारे में कहा जाता है कि इसकी खोज 1871 में हुई थी। ब्रिटिश प्रशासन ने यहाँ बसे जंगल को एक खूबसूरत जगह में तब्दील किया। उसे देखने और सैर करने लायक बनाया। आज भी खंडाला मुंबई और पुणे के लोगों के लिए ये सबसे फेमस और पसंदीदा पिकनिक स्पाॅट है। यहाँ लोग आकर अपना वीकेंड बड़े अच्छे से गुज़ारते हैं।

खुशगवार मौसम

खंडाला और लोनवाला दोनों ही प्रकृति के खूबसूरत नजारों से भरे हुए हैं। पूरे साल ये जगह खुशगवार रहती है। यहाँ आप कभी भी घूमने जा सकते हैं। वैसे यहाँ घूमने के लिए सबसे बेस्ट समय अक्टूबर से मई का माना जाता है। यहाँ की बारिश भी खूबसूरत लगती है और सर्दियाँ भी। ऐसे में यहाँ मौजूद छोटे-छोटे टूरिस्ट प्वाॅइंट्स जैसे लायंस प्वाइंट, नेकलेस पाॅइंट, राजमाची प्वाॅइंट, लोनावाला लेक एक अलग ही समां बांध देते हैं।

कैसे जाएँ?

खंडाला जाने के लिए आप ट्रेन और फ्लाइट से मुंबई या पुणे जा सकते हैं, क्योंकि ये दोनों शहर खंडाला से अच्छी तरह से जुड़े हुए हैं। यहाँ से बस की सेवा भी बहुत अच्छी है। अगर आप फैमिली के साथ खंडाला जाने की सोच रहे हैं, तो मुंबई से टैक्सी बुक करके जाना अच्छा रहेगा। मुंबई से खंडाला तक ₹2500-3000 में आसानी से टैक्सी मिल जाएगी। इस सफर को पूरा करने में लगभग तीन घंटे का समय लगता है। खंडाला से 5-6 किलोमीटर दूर है, लोनावाला। आप जब मुंबई जाएँ तो खंडाला ज़रुर जाएँ, शायद तब आपका दिल मुंबई में लगने लगेगा।

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