झील में समाया अनोखा जंगल जहाँ पानी के नीचे उगते हैं पेड़, वो भी उल्टे!

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श्रेय: फ्लिकर

Photo of झील में समाया अनोखा जंगल जहाँ पानी के नीचे उगते हैं पेड़, वो भी उल्टे! by Rupesh Kumar Jha

क्या आपने नेटफ्लिक्स पर स्ट्रेंजर थिंग्स देखा है, उसमें दिखाया गया अपसाईड डाउन याद है? या कभी कल्पना की है कि दुनिया में अगर सब कुछ उल्टा हो जाए तो क्या होगा! लेकिन अगर मैं बताउँ कि ऐसी एक जगह है जहाँ सच में दुनिया उल्टी है तो क्या आप यकीन कर पाएँगे? तो चलिए, हम आपको ऐसी अचीबोगरीब झील के बारे में बताने जा रहे हैं जहाँ पेड़ ज़मीन पर नहीं, पानी में उगते हैं, वो भी उल्टे!

लेक कैन्डी नाम से मशहूर ये झील किसी अजूबे से कम नहीं है! ऊपर से तो ये कोई आम खूबसूरत झील की तरह ही दिखती है जो कि नीले पानी से भरी हुई है और पहाड़ियों और ऊँचे टीलों से घिरी है। यहाँ तक तो लगभग सामान्य सा नज़ारा है लेकिन अगर आप जरा गौर करेंगे तो पाएँगे कि झील ऊपर से जितनी खूबसूरत दिखती है, अंदर में उतने ही घने राज छिपाए है! इस झील की सतह के नीचे एक पूरी अलग दुनिया देखने को मिलती है।

आखिर कैसी है ये अजीब झील?

झील पर जाकर आप देखेंगे कि सतह से बाहर अजीब लकड़ी के खंभे हैं। असल में ये पेड़ों के हिस्से होते हैं जिसके बाकी हिस्से पानी के नीचे डूबे हुए होते हैं। पानी के भीतर ये पेड़ एक पूरे जंगल के रूप में मौजूद हैं। बताया जाता है कि ये अनोखी घटना 1911 में आए एक भूकंप की वजह से घटित हुई है। भूकंप के कारण एक बड़ा भूस्खलन हुआ जिससे कि पूरा इलाका उथल पुथल हो गया और इन पेड़ों के गिरने से एक प्रकृतिक बाँध बन गया।

लगभग एक शताब्दी तक बारिश ने इस पूरे क्षेत्र को पानी से भर दिया और यहाँ मौजूद जंगल इस बारिश के पानी में डूब गया जो धीरे-धीरे एक झील बन गई। इस तरह कैन्डी झील अस्तित्व में आया। फिर धीरे धीरे जिन पेड़ों के तने पानी से बाहर थे वो सूखते चले गए जबकि पानी के नीचे जलमग्न हिस्से उसी तरह बचे रहे। पेडों का उपरी हिस्सा यानी पत्तियों और शाखाओं वाला पानी के नीचे होने की वजह से उसी तरह से संरक्षित हो गए और पानी के नीचे एक जंगल बन गया। सब मिलाकर ऐसे दृश्य देखने को मिलते हैं कि टूरिस्ट रोमांचित हो उठते हैं।

पानी के अंदर की कहानी

इस पूरे मामले को जानने के बाद जो सवाल उठता है, वो ये कि पेड़ खत्म हो जाने चाहिए थे लेकिन बचे कैसे रहे? दरअसल, पानी के अंदर रहने के कारण पेड़ों ने खुद को अनुकूलित कर लिया। पत्तियां और नुकीली शाखाएँ पानी के अंदर जीवन के लिए तैयार हो गईं।

चूंकि लेक कैन्डी समुद्र तल से लगभग 2,000 मीटर ऊपर स्थित है, पानी काफी ठंडा है, इतना ठंडा कि यह पेड़ों के लिए एक बड़े रेफ्रिजरेटर की तरह काम करता है। जो लोग इस ठंडे पानी में जाते हैं, उन्हें गीले सूट या अन्य सेफ्टी गियर का उपयोग करना चाहिए। वैसे आपको इस नज़ारे को देखने के लिए लिए पानी में उतरने की कोई ज़रूरत नहीं है। झील इतनी सुन्दर और पानी इतना साफ है कि आप किनारे पर रहकर भी भीतर सब कुछ देख सकते हैं।

कहाँ पर है ये झील?

लेक कैन्डी कजाकिस्तान में है, जो कि यहाँ के सबसे बड़े शहर अल्माटी से महज 80 मील की दूरी पर है। हालांकि यह एक छुपारुस्तम जगह है जहाँ सालभर में कुछ लोग ही आ पाते हैं। इसका एक कारण यह भी है कि झील तक पहुँचना जरा कठिन है। सड़क उतनी अच्छी नहीं है जिसके कारण वाहनों को वहाँ ले जाना मुश्किल भरा होता है। लेकिन अगर आप वहाँ पहुँचते हैं तो जो देखने को जो मिलता है उसके आगे रास्ते की परेशानी कुछ भी नहीं है!

कैन्डी झील

पानी के नीचे पेड़ों को देखकर लगता है कि कोई बड़ा जहाज़ तबाह होने के सालों बाद यहाँ पड़ा हुआ है। जब आप डूबे हुए पेड़ों को देखते हैं तो ये किसी भूतिया कहानी के जहाज की तरह लगता है। फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए ये बेहद रोमांचकारी है, खासकर जब सर्दियों के दिनों में झील जम जाती है और जब पानी पर हल्का कोहरा तैरता रहता है। आपको पेड़ों को देखकर ज़रूर हैरानी होगी।

सर्दियों के महीनों में यह जगह खुली रहती है तो यहाँ पानी जम जाता है। यह स्लेजिंग और विंटर ट्रेक के लिए एक बेहतरीन जगह है।

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